सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रोहिंग्टन फली नरीमन ने सोमवार को भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। कहा जा रहा है कि जस्टिस नरीमन के पिता वरिष्ठ वकील फली नरीमन माल्या के एक मामले की पैरवी कर चुके हैं। माल्या ने यह याचिका प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उसकी संपत्तियों को जब्त किए जाने के खिलाफ दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को अन्य पीठ के सामने सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
ईडी सूत्रों ने बताया कि पिछले साल दायर याचिका में माल्या ने कहा था कि किंगफिशर एयरलाइंस से संबंधित संपत्तियों के अलावा अन्य को अटैच नहीं किया जाना चाहिए। मुंबई की प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट ने एक जनवरी को ऋण देने वाले बैंकों को जब्त संपत्तियों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। उनके अनुसार, जब्त संपत्तियों में मुख्य रूप से शेयरों समेत वित्तीय सिक्योरिटीज हैं।
पिछले साल 11 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने माल्या की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उसने सरकारी एजेंसी द्वारा उसकी संपत्तियों की जब्त करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी। विशेष पीएमएलए कोर्ट ने 5 जनवरी को माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था और उसकी संपत्तियों को जब्त करने का निर्देश दिया था। माल्या मार्च 2016 में देश छोड़कर भाग गया और तब से लंदन में रह रहा है।