मार्कंडेय काटजू ने कहा कि मेरी जिंदगी के सबसे अच्छे दिन अब जा चुके
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भले ही आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक पद से हटाए जाने को लेकर हल्ला मच रहा हो। वर्मा को हटाने वाली सलेक्शन कमेटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ मौजूद जस्टिस एके सीकरी के सरकारी पक्ष का समर्थन किए जाने पर आश्चर्य जताया जा रहा हो। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू का मानना है कि कमेटी में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद जस्टिस सीकरी के पास प्रधानमंत्री मोदी के निर्णय से सहमति जताने के लिए पर्याप्त कारण थे।
जस्टिस काटजू ने जस्टिस सीकरी के साथ बात करने के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर इन कारणों का खुलासा किया है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने पोस्ट में लिखा है कि जब कमेटी ने आलोक वर्मा को हटाया, तो बहुत से लोगों ने मुझे फोन कर इस बात पर सवाल उठाया कि आलोक वर्मा को अपनी सफाई रखने का मौका आखिर क्यों नहीं दिया गया। इस कारण मैंने जस्टिस सीकरी से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में वर्मा मामले में हुए फैसले के पीछे के कारण सामने आए, जिन्हें जस्टिस सीकरी की अनुमति से मैं फेसबुक पर पोस्ट कर रहा हूं।