सुप्रीम कोर्ट की एक महिला जज ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान वीडियो लिंक के टूटने के बाद आभासी अदालत (वर्चुअल कोर्ट) के कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया। व्हाट्सएप कॉल के जरिए एक याचिकाकर्ता द्वारा पेश की जा रहीं दलीलों के बीच आए व्यवधान पर जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने कहा कि वर्चुअल कोर्टरूम मुश्किल है।
जस्टिस मल्होत्रा सोमवार को जस्टिस आर भानुमति की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ का हिस्सा थी। सोमवार को मामलों की सुनवाई के बाद जजों के बीच हुए चर्चा में जस्टिस मल्होत्रा ने सूचीबद्ध किए गए 20 की जगह पीठ द्वारा 40 मामलों की सुनवाई आसानी से हो सकने का सुझाव दिया।
उन्होंने जिरह करने के बाद वकीलों को कोर्ट रूम छोड़ कर चले जाने का भी सुझाव दिया। इस पर जस्टिस भानुमति ने इस मसले पर चीफ जस्टिस से बात करने की बात कही। मालूम हो कि कोरोना के कारण देशभर में हुए लॉकडाउन के कारण गत 23 मार्च से सुप्रीम कोर्ट जरूरी मामलों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कर रहा है। यह निर्णय संक्रमण से बचने के लिए किया गया था।