दिल्ली स्थित चिड़िया घर में दबंग कहे जाने वाले टाइगर विजय के पास अब लखनऊ से दूसरा टाइगर, जिसका नाम विजय जूनियर है, आ रहा है। तय हुआ है कि सीनियर विजय टाइगर की संतान सीता (मादा टाइगर) जूनियर विजय की जीवन संगिनी बनेगी।
विजय की संतान टीपू अभी कहां जाएगा और उसका जीवन साथी कौन बनेगा, इसका अभी कुछ पता नहीं है। अदला-बदली प्रोग्राम के तहत कई नए जानवर चिड़िया घर में आएंगे और कई पुराने जीव यहां से विदा होंगे।
आइये आपको विजय के परिवार से मिलवाते हैं.....
दरअसल, विजय टाइगर अब चिड़िया घर के कर्मचारियों का ही नहीं, बल्कि दर्शकों का भी चहेता बन चुका है। मर्द है तो उसकी दबंगई को सब मानते हैं। यह तो आप जानते ही होंगे कि 2014 में एक दर्शक मकसूद विजय के बाड़े में कूद गया था। वह विजय के हाथों मारा गया। उसके बाद विजय खलनायक बनने की जगह चिड़िया घर का हीरो बन गया। वजह, उसकी जीवन संगिनी कल्पना (मादा टाइगर) ने 2015 में एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। चारों बच्चे स्वस्थ और अपने बाप की तरह दबंग निकले।बस फिर क्या था, चिड़िया घर में विजय ही विजय नाम पुकारा जाने लगा। विजय की चार संतानों में एक टीपू और तीन मादा टाइगर, जिनके नाम सीता, गीता और निर्भया रखे गए हैं। चूंकि अब सभी बच्चे बड़े हो गए हैं तो चिड़िया घर प्रशासन ने उनके जीवन साथी तलाशने शुरू कर दिए हैं।
जीवन में कौन किसका हमसफर बनेगा, जानिये.....
विजय और कल्पना की संतान सीता के लिए लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह जूलोजिकल पार्क से विजय जूनियर को दिल्ली लाया जा रहा है। इत्तेफाक से उस टाइगर का नाम भी विजय था।लेकिन अदला-बदली प्रोगाम के तहत दिल्ली के चिड़िया घर वालों ने यहां आने से पहले ही उसके नाम के पीछे जूनियर लगा दिया है।
खैर जो भी हो, सफेद टाइगर को सफेद मादा टाइगर ही जीवन साथी के रूप में मिली है। विजय की दूसरी संतान गीता यहां से विदा होगी। अब वह लखनऊ जाएगी। वहीं पर उसका जीवन साथी तय होगा। तीसरी संतान निर्भया दिल्ली में ही रहेगी।
मैसूर से टाइगर करण को उसका जीवन साथी बनाकर दिल्ली लाया जा रहा है।अब बच गया टीपू।अभी वह प्रतीक्षा सूची में है।कहां जाएगा और कौन उसका जीवन साथी बनेगा, यह सब बाद में तय होगा।
महेश्वरी विदा होगी तो अयोध्या सिंह दिल्ली लौटेंगे...
महेश्वरी (मादा गैंडा) की दिल्ली से विदाई हो रही है।वह पटना के संजय गांधी उद्यान में जाएगी।दिल्ली से पटना गया गैंडा अयोध्या सिंह अब घर वापसी कर रहा है।चूंकि अयोध्या सिंह 1992 में अयोध्या कांड के दिन पैदा हुए थे, इसलिए उनका नाम अयोध्या सिंह रख दिया गया था।इसके अलावा मैसूर के चिड़िया घर को शेरपूछ बंदर, चैसिंगा, सफेद मृग, उल्लू व बबून बंदर दिए जा रहे हैं। वहां से कई जानवर दिल्ली आएंगे।
अगरतला के चिड़िया घर को दिल्ली से एक जोड़ा मोर देंगे, तो वहां से पांच पांडा हिरण दिल्ली लाए जाएंगे।जम्मू के चिड़िया घर को दस काले मृग दिए जाएंगे और वहां से एक तेंदुआ मादा दिल्ली आएगा।