असम में जुनियर डॉक्टर के एक समूह ने राज्य स्तरीय अधिकारी के साथ मारपीट की। उन्होंने अधिकारी को लोहे की रॉड से पीटा। मामले में मेडिकल कॉलेज ने एक इंटर्न को निलंबित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जांच की जा रही है तो वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जांच में आरोपी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। घटना असम के कछार जिले की है।
यह है पूरा मामला
पुलिस ने बताया कि स्वास्थ्य सेवा निदेशालय में औषधि निरीक्षक बोनराई रोंगमेई सोमवार रात अपनी बीमार भाभी से मिलने सिल्चर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएमसीएच) गया था। यहां रोंगमेई ने एक जूडा से ब्ल्ड टेस्ट की जानकारी मांगी तो जूडा भड़क गया और उसके साथ दुर्व्यवहार किया। रोंगमेई का आरोप है कि जूडा ने ब्ल्ड टेस्ट के सवाल पर कहा कि क्या वह इन सब चीजों को समझ सकता है और जब मैंने कहा कि मैं एक सरकारी कर्मी हूं, बावजूद इसके वह उनपर चिल्लाता रहा।
स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया
रोंगमेई ने आरोप लगाया, ऐसे ही बहस बढ़ती चली गई। थोड़ी ही देर में कई डॉक्टर इकट्ठा हो गए। इसके बाद जूडा के एक समूह ने मुझे एक कोने में खींच लिया और मुझे थप्पड़ मारने लगे और लोहे की रॉड से पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने डॉक्टरों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कछार एसपी नुमल महट्टा ने बताया कि पुलिस की एक टीम अस्पताल पहुंची और उन्होंने स्थिति को काबू में किया। एसपी ने बताया कि हम मामले की जांच कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन हमें सहयोग कर रहे हैं।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
एसएमसीएच प्राचार्य डॉ. भास्कर गुप्ता और डॉक्टरों की एक टीम ने जिला आयुक्त रोहन कुमार झा और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। डॉ. गुप्ता ने बताया कि उन्होंने इंटर्न डॉक्टर को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है। मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया गया है। जांच की जा रही है, अगर मामले में कोई और अधिकारी भी आरोपी पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।