भारतीय लोकतंत्र में 25 जून की तारीख काले दिन के नाम से याद की जाती है। 25 जून 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी। आज इमरजेंसी को 46 साल पूरे हो गए हैं। 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच देश में 21 महीने तक आपातकाल लगाया गया। वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज ही के दिन लोकतंत्र पर कांग्रेस के विचार देश के सामने रखने का फैसला किया है।
कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है, उसमें राहुल गांधी की तस्वीर लगी एक पोस्टर पर लोकतंत्र से जुड़ी कुछ लाइनें लिखी हैं। इसके अलावा हैशटैग कांग्रेसकेविचार ( #congresskevichaar) का भी इस्तेमाल किया गया है। ट्वीट में लिखा है कि लोकतंत्र का सार विकेंद्रीकृत शक्ति और बहस है। यह संस्थाएं हैं जो सरकार को जवाबदेह रखती हैं। यह लोगों के कल्याण के प्रति सरकार का कर्तव्य है, न कि इसके विपरीत।
राहुल ने आज का दिन क्यों चुना
खास बात यह है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज के दिन को कांग्रेस के विचार प्रकट करने के लिए क्यों चुना। 46 साल पहले उनकी दादी और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की थी। इसके बाद पूरे देश को जेल बना दिया गया। हजारों राजनेताओं को सलाखों के पीछे डाला गया। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।