पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने कहा कि स्टालिन मेरे भाई की तरह है। मैं एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने आई थी लेकिन स्टालिन से मिले बिना नहीं जा सकती थी। दो राजनीतिक नेता एक साथ राजनीति के अलावा अन्य चीजों के बारे में बात कर सकते हैं। हमने राजनीति के बारे में कुछ भी चर्चा नहीं की।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुजरात में हुए हादसे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे में ईडी, सीबीआई और अन्य एजेंसियां क्यों जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही हैं? गुजरात पुल हादसा मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के तहत एक न्यायिक समिति का गठन किया जाना चाहिए।
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इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को तमिलनाडु के अपने समकक्ष एमके स्टालिन से मुलाकात की। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ला गणेशन के पारिवारिक कार्यक्रम में तीन नवंबर को शामिल होने आईं ममता बनर्जी ने स्टालिन से यहां उनके आवास पर मुलाकात की।
CM ममता बनर्जी ने कहा कि स्टालिन मेरे भाई की तरह है। मैं एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने आई थी लेकिन स्टालिन से मिले बिना नहीं जा सकती थी। दो राजनीतिक नेता एक साथ राजनीति के अलावा अन्य चीजों के बारे में बात कर सकते हैं। हमने राजनीति के बारे में कुछ भी चर्चा नहीं की।
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बंगाल में मतदाता सूची संशोधन का काम नौ नवंबर से शुरू होगा
बंगाल में मतदाता सूची संशोधन का काम आगामी नौ नवंबर से शुरू होकर आठ दिसंबर तक चलेगा। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। सीईओ कार्यालय के अधिकारी के मुताबिक अगले साल होने वाले राज्य पंचायत चुनावों को देखते हुए इस साल मतदाता सूची में संशोधन का विशेष महत्व है और इसलिए प्रक्रिया अधिक विस्तृत होगी।
पुनरीक्षण कार्य शुरू होने के बाद प्रत्येक शनिवार और रविवार को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथों पर बूथ स्तर के अधिकारी मौजूद रहेंगे और सभी प्रकार के आवेदन स्वीकार करेंगे। एक जनवरी 2023 को या उससे पहले 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाला कोई भी व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए पात्र होगा। अंत में पांच जनवरी 2023 को अंतिम और संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और माकपा ने मतदाता सूची संशोधन के कार्य को बहुत गंभीरता से लिया है। सभी दलों के नेतृत्व ने अपनी-अपनी स्थानीय इकाइयों को निर्देश दिया है कि जिस दिन अधिकारी आवेदन स्वीकार करेंगे, उस दिन बूथों पर प्रतिनिधियों की प्रतिनियुक्ति करें।