वहीं बीजेपी ने बार बार इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। बीजेपी ने कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक मकसद से याचिका दायर की गई थी और इस याचिका के पीछे अदृश्य हाथ था। झूठी याचिका के पीछे राहुल गांधी थे।
बीजेपी ने कहा कि अमित शाह पर कांग्रेस ने अभद्र टिप्पणी की। कांग्रेस न्यायपालिका को सड़क पर लेकर आई। राहुल गांधी को इन सब बातों के लिए माफी मांगना चाहिए। इस मामले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी इशारे इशारे में कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि बीजेपी के बड़े नेता की छवि बिगाड़ने की कोशिश पूरी तरह से नाकाम हो गई है। अब यह साफ हो गया है कि न्यायपालिक राजनीतिक लड़ाई का अखाड़ा नहीं बन सकती है। वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगर आप न्यायपालिका पर शक कर रहे हैं तो आप जांच और सबूतों पर भी शक कर रहे हैं। मुझे लगता है कि राहुल गांधी को अमित शाह से माफी मांगनी चाहिए।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने कांग्रेस को फिर बेनकाब कर दिया है। राहुल गांधी को देशवासियों ने मांफी मांगनी चाहिए। योगी ने कहा कि राहुल गांधी ने पूरे देश में सरकार के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हम स्वागत करते हैं।
आपको बता दें कि जज लोया की मौत स्वाभाविक थी या उनकी हत्या की गई थी इसकी निष्पक्ष जांच की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि एसआईटी से जांच नहीं कराई जाएगी, साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को लताड़ते हुए यह भी कहा कि इससे पहले जज लोया मामले में जजों के फैसलों पर शक नहीं किया जा सकता है। यह याचिका जजों की छवि को खराब करने की कोशिश है। तीन जजों की बेंच ने कहा कि जनहित याचिकाएं जरूरी है लेकिन इसका दुरुपयोग चिंताजनक है।