महाराष्ट्र की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने पुणे में रिश्वत लेने के मामले में यहां की स्थानीय अदालत की जज को गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने बताया कि एसीबी ने इससे पहले इस मामले में एक निलंबित पुलिस अधिकारी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने जज को 5 अप्रैल तक एसीबी की कस्टडी में भेज दिया है।
एसीबी की सहायक पुलिस आयुक्त सीमा मेहंदले ने बताया कि प्रथम श्रेणी न्यायिक अधिकारी अर्चना जाटकर ने अपनी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
एसीबी के मुताबिक इस मामले में एक आरोपी शुभावरी गायकवाड ने डेयरी कारोबार करने वाले शिकायतकर्ता से उसके खिलाफ किसी मामले को रफा-दफा करने के लिए 2.5 लाख रुपये रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने एसीबी से इसकी शिकायत की, जिसके बाद गायकवाड को 13 जनवारी को 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान निलंबित इंस्पेक्टर भानुदास जाधव सहित दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान ही इस मामले में जज की संलिप्तता पकड़ी गई। उन्होंने बताया कि जज के इशारे पर ही बाकी आरोपी काम कर रहे थे।