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हिजबुल-लश्कर दिखे साथ, आंतकी मक्की ने सलाहुद्दीन को तोहफे में दी बंदूक

Mon, 17 Jul 2017 06:42 PM IST
amarujala.com- Presented By- मोहित
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जमात उद दावा के आतंकी सरगना हाफिज सईद के साले मक्की ने अमेरिका द्वारा हाल ही में इंटरनेशनल आतंकी घोषित किए गए आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन को बंदूक भेंट की है। इस दौरान मक्की ने कहा कि यह बंदूक कश्मीर फतह के लिए है।  
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सलाहुद्दीन ने भारत के खिलाफ सालों पहले से नापाक जंग शुरु की और ऐसा माना जाता है कि वो अक्सर कश्मीर में हिंसा भड़काने की गतिविधियों में भी शामिल रहता है। 

बता दें कि कश्मीर में मारे गए आतंकियों की याद में कश्मीर शहीद दिवस मनाया जा रहा है जिसमें जमात उद दावा, हिज्बुल मुजाहिद्दीन और दल्फे पाकिस्तान काउंसिल शामिल हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा से भारत को एक बड़ा कामयाबी हासिल हुई थी। अमेरिका के विदेशी विभाग ने सैयद सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकी करार दिया था।
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जानें सलाहुद्दीन के आतंक की कहानी....

-71 साल का सलाहुद्दीन पाकिस्तान में बैठ कर कश्मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के काम को संभालता है।

-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कश्मीर के बडगाम से निकले सलाहुद्दीन ने पाकिस्तान में 28 साल पहले यानि 1989 में पनाह ले ली थी।

-रिपोर्ट्स के मुताबिक उसकी बीवी, 5 लड़के और दो लड़कियां हैं और इनमें से चार बेटों ने सरकारी नौकरियां हासिल की हुई हैं।

-कश्मीर छोड़ने से पहले 1987 में सलाहुद्दीन ने कश्मीर विधानसभा में शामिल होने की कोशिश की और मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट की तरफ से खड़ा हुआ।

-सलाहुद्दीन पर कश्मीर में दंगा भड़काने का आरोप भी 1987 में ही लगा और जब वो दो साल बाद जेल से छूटा तो उसने हिजबुल मुजाहिद्दीन ज्वाइन कर लिया।

-सेना के हाथों मारे गए बुरहान वानी  सलाहुद्दीन के टच में था और उसे सलाहुद्दीन दिशा-निर्देश भी दिया करता था।

-मुंबई हमलों के मास्टर माइंड और भारत के सबसे बड़ा वॉन्टेड आतंकी हाफिज सईद से भी सलाहुद्दीन के अच्छे संबंध माने जाते हैं।
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