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JPSC-JSSC विवाद में ट्विस्ट: निशिकांत दुबे ने CM को दी 13 अगस्त की डेडलाइन, नहीं माने तो क्या करेंगे सांसद?

Fri, 07 Aug 2026 07:10 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, नई दिल्ली।

सार

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का गुस्सा चरम पर है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 13 तारीख तक समाधान न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है और सरकार से आठ वर्षों की भर्तियों का हिसाब मांगा है। वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को बातचीत और शांतिपूर्ण प्रदर्शन का भरोसा दिया है।
 
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निशिकांत दुबे, भाजपा सांसद - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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झारखंड में सरकारी भर्तियों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। इस बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राज्य सरकार को 13 अगस्त तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर तब तक छात्रों की मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ, तो वह पार्टी नेतृत्व से अनुमति लेकर भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
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13 अगस्त तक दिया अल्टीमेटम
निशिकांत दुबे ने कहा कि संसद का मौजूदा सत्र 13 अगस्त तक चलेगा। उनका कहना है कि यदि तब तक राज्य सरकार छात्रों की मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है, तो वह भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।

भर्ती प्रक्रिया पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा सांसद ने राज्य सरकार, कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि सरकार पिछले सात-आठ वर्षों में हुई सभी सरकारी भर्तियों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करे और बताए कि किन लोगों को नौकरियां मिलीं।
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दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हुआ और अभ्यर्थियों से पैसे लेकर नौकरियां देने का खेल चला। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और राज्य सरकार की ओर से इन दावों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह भी पढ़ें: संसद में घमासान के आसार: कांग्रेस ने पार्टी सांसदों को जारी किया व्हिप, क्या है 10 से 12 अगस्त का प्लान?

छात्रों का आंदोलन क्यों तेज हुआ?
जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिले।

पप्पू यादव ने भी किया समर्थन
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की है और भरोसा दिया है कि उनकी समस्याओं पर बातचीत की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छात्र अपनी बात रखने के लिए मुख्यमंत्री आवास के पास आ सकते हैं और उनकी बात सुनी जाएगी।
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राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
भर्ती विवाद को लेकर झारखंड की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेर रहा है, जबकि छात्र संगठन भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। अब सभी की नजर 13 अगस्त पर है, जब यह साफ होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और निशिकांत दुबे अपने भूख हड़ताल के ऐलान पर आगे बढ़ते हैं या नहीं।
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