फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Waqf Bill: संयुक्त समिति दिल्ली सरकार के विचार सुनने को तैयार, विपक्षी सदस्यों के विरोध के बाद दी सहमति

Wed, 30 Oct 2024 06:23 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

वक्फ बिल लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। संशोधन के लिए सरकार आम सहमति बनाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए संसद की संयुक्त समिति का गठन किया गया है। समिति कई बैठकें कर चुके है। ताजा घटनाक्रम में, विपक्षी सदस्यों के विरोध के बाद संयुक्त समिति दिल्ली सरकार के विचार सुनने के लिए तैयार हो गई है। 
 
विज्ञापन
वक्फ संशोधन बिल पर संसदीय समिति की बैठक - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रशासक अश्विनी कुमार की प्रस्तुति पर विपक्षी सदस्यों के विरोध के बाद, वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति ने दिल्ली सरकार के विचार सुनने पर सहमति व्यक्त की। समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल का आश्वासन विपक्षी सदस्यों संजय सिंह, मोहम्मद अब्दुल्ला और असदुद्दीन ओवैसी की ओर से घंटेभर के विरोध के बाद आया। इस मुद्दे पर सोमवार को समिति की कार्यवाही बाधित रही थी और लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह से इस मुद्दे पर राय मांगे जाने के बाद कुमार को बोर्ड का विचार प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।

विज्ञापन


संयुक्त समिति की बैठक में मंगलवार को विपक्ष ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रशासक के रूप में एक गैर-मुस्लिम व्यक्ति की नियुक्ति पर भी सवाल उठाया। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि कानून इसकी अनुमति नहीं देता।

भाजपा के एक सदस्य ने जवाब देते हुए कहा कि पहले भी इन पदों पर गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति की गई है। इसके बाद तीनों सदस्य हॉल के बीचोंबीच एकत्र हो गए और करीब एक घंटे तक नारेबाजी करते रहे। उसके बाद अध्यक्ष ने नरम रुख अपनाया और इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार का पक्ष उसके प्रतिनिधि के माध्यम से सुनने पर सहमति जताई। तृणमूल सदस्य कल्याण बनर्जी, जिन्हें पिछले सप्ताह अभद्र व्यवहार के कारण एक दिन के लिए समिति से निलंबित कर दिया गया था, मंगलवार को कुछ समय के लिए बैठक में उपस्थित थे।
विज्ञापन


वक्फ बिल पर संसदीय समिति की अगले हफ्ते कई बैठकें, पांच राज्यों का दौरा
वक्फ संशोधन विधेयक पर विभिन्न पक्षों के विचार सुनने के लिए संसदीय समिति ने अगले सप्ताह कई बैठकें निर्धारित की हैं। रिपोर्ट जमा करने की नजदीक आती समयसीमा के बीच समिति पांच राज्यों की राजधानियों का दौरा भी करेगी। संयुक्त संसदीय समिति 4 और 5 नवंबर को बैठकें कर मुस्लिम महिलाओं, विद्वानों, वकीलों और सामाजिक-धार्मिक संगठनों के विचार सुनेगी। 9 नवंबर से समिति असम के गुवाहाटी से अपनी 5 राज्यों का दौरा शुरू करेगी, जहां वह अल्पसंख्यक और विधि व न्याय विभागों, राज्य अल्पसंख्यक आयोग असम, मेघालय, मणिपुर व त्रिपुरा के वक्फ बोर्डों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ताएं करेगी। समिति ओडिशा के भुवनेश्वर में इसी तरह के समूहों के प्रतिनिधियों के साथ 11 को चर्चा करेगी। बंगाल में 12, बिहार में 13 और यूपी के लखनऊ में 14 को विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ समिति की चर्चा करने की योजना है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें