भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) को जून 2024 तक के लिए कार्यकाल में विस्तार मिल गया है। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक (BJP National Executive Meeting) में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नड्डा का कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने समर्थन दिया और इसके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी मीडिया को दी। इसका अर्थ है कि इस साल होने वाले नौ राज्यों के विधानसभा चुनाव और अगला लोकसभा चुनाव जेपी नड्डा के नेतृत्व में लड़े जाएंगे। पार्टी ने भरोसा जताया है कि भाजपा बड़े अंतर के साथ इन चुनावों में जीत दर्ज करेगी।
कार्यकाल में विस्तार के बाद जगत प्रकाश नड्डा सबसे पहले पश्चिम बंगाल के दौरे पर जा रहे हैं, जहां कुछ ही समय में पंचायत चुनाव होने हैं। भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल का किला अभेद पहेली साबित हुआ है। भाजपा आक्रामक चुनाव प्रचार के बाद भी विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी का करिश्मा तोड़ पाने में नाकाम साबित हुई थी। पश्चिम बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा में 150 से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के बाद भी राज्य में पार्टी के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। कार्यकाल विस्तार के बाद अपनी पहली यात्रा पश्चिम बंगाल की करके जेपी नड्डा यह संकेत देने की कोशिश करेंगे कि वे ममता बनर्जी का किला ढहाने के लिए कमर कस कर तैयार हैं। इसके बाद जेपी नड्डा उड़ीसा और कर्नाटक का दौरा करेंगे।
अगले लोकसभा चुनावों को देखते हुए जेपी नड्डा एक बार फिर उत्तर प्रदेश में सक्रिय हो रहे हैं। वे 20 जनवरी को गाजीपुर जाएंगे जहां जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। यहां उनका सम्मान किया जाएगा और वे यहां एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे। इसे अगले लोकसभा चुनाव को देखते हुए यूपी के पूर्वांचल से भाजपा के चुनावी अभियान की शुरुआत की तरह देखा जा रहा है।
क्यों मिला कार्यकाल में विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के साथ बेहतर तालमेल के कारण जेपी नड्डा को कार्यकाल में विस्तार मिला है। चूंकि, इसी साल नौ बेहद महत्त्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और अगले ही वर्ष लोकसभा का चुनाव होना है, भाजपा इस समय अपने संगठन में बड़े बदलाव का जोखिम नहीं उठाना चाहती थी। नड्डा का पूरे संगठन से बेहद अच्छा तालमेल भाजपा के लिए बेहतर साबित हुआ है। उनके नेतृत्व में पार्टी ने लोकसभा, विधानसभा और उपचुनाव सहित कुल 120 से ज्यादा चुनाव लड़े हैं, जिसमें उसे 73 पर जीत हासिल हुई है। पार्टी अध्यक्ष के तौर पर उनका यह प्रदर्शन बेहद शानदार है।