राज्यसभा में जेपी नड्डा ने कहा- इस बार वक्फ संशोधन बिल पर बनी जेपीसी में 284 हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया गया और यूपीए के जमाने में मात्र 18 हितधारकों के साथ चर्चा की गई थी। विपक्ष को इस बिल में कुंभ दिख रहा है, बिहार का चुनाव दिख रहा है, इस बिल में केरल का सिनेमा दिख रहा है।
राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल 2025 पर चर्चा के दौरान सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा- हमारा प्रयास है कि वक्फ के काम पारदर्शिता आए। अपने संबोधन की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा- मुझे उम्मीद है कि सदन इस बिल का समर्थन करेगा। इस बिल का मूल उद्देश्य वक्फ की संपत्ति का रखरखाव करना है। इस बिल पर काफी चर्चा हुई है। मैं इस बिल को लेकर कहना चाहता हूं, इसके खिलाफ जो भ्रम फैलाया जा रहा है उसका विरोध करता हूं। इस बिल को लेकर 2013 बने जेपीसी में सिर्फ 13 सदस्य थे, अब इस बिल को लेकर बने जेपीसी में 31 सदस्य थे।
'हम संविधान से चलते हैं, वो बस किताब ही दिखाते हैं'
जेपी नड्डा ने कई मुस्लिम देशों का जिक्र करते हुए कहा, वहां पर वक्फ की संपत्ति का रखरखाव सरकारें करती हैं। लेकिन हम तो बस रखरखाव और नियमों से चलने की बात कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि वक्फ की संपत्ति का दुरुपयोग न हो इस लिए ये बिल लाया गया है। इस दौरान जेपी नड्डा ने 2013 वक्फ बिल की कमियां और 2025 के वक्फ बिल की खूबियां भी गिनाई। जेपी नड्डा ने कहा - विपक्ष के लोग जेब में संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, हमेशा दिखाते रहते हैं, लेकिन पढ़ते नहीं, इस्तेमाल नहीं करते हैं। संविधान का इस्तेमाल हम करते हैं।
जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
सदन के नेता जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा- प्रधानमंत्री मोदी जी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के साथ चले हैं। हमें वोटबैंक की राजनीति से बाहर निकल करके देशहित की बात करने की जरूरत है। मैं जानना चाहता हूं, कि पिछले 70 साल किन लोगों ने उन्हें डरा कर रखा है। आपने 70 साल का परीक्षण करके देख लिया, बांट-बांट कर देख लिया। 2013 में संशोधन के बाद भी आप विपक्ष में बैठ गए हैं। हम पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि, हमने वक्फ बोर्ड पर हाथ डाल दिया। ये एक तरीके से हमारे को कब्जे में लेने की बात है।