दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग देश के सबसे व्यस्त और अहम रूट में शामिल है। इस पर मुंबई राजधानी एक्सप्रेस, अगस्त क्रांति राजधानी समेत कई प्रमुख प्रीमियम ट्रेनें चलती हैं। दिल्ली से मुंबई के बीच मुख्य रेल मार्ग की लंबाई करीब 1,386 से 1,537 किमी है।
दिल्ली से मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्री ध्यान दे! आने वाले दिनों में आपकी यात्रा न केवल सुखद होगी बल्कि सुगम भी होने जा रही है। भारतीय रेलवे इस व्यस्त रूट पर ट्रेनों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत गुजरात के वडोदरा से मध्य प्रदेश के रतलाम के बीच करीब 259 किमी हिस्से में तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना को पश्चिम रेलवे पूरा करेगा।
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वडोदरा-रतलाम सेक्शन दिल्ली-मुंबई रेल नेटवर्क का अहम हिस्सा है। इस रूट पर बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां चलती हैं। नई लाइनें बनने से ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता मिलेगी। इससे व्यस्त रूट पर दबाव कम होगा और ट्रेनों की आवाजाही बेहतर हो सकेगी।
रेलवे के मुताबिक, दो नई लाइनें बनने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन में ज्यादा लचीलापन आएगा। ट्रेनों की रफ्तार और समयबद्धता सुधारने में भी मदद मिलेगी। इससे गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही, इस कॉरिडोर से जुड़े औद्योगिक और कारोबारी इलाकों को भी फायदा होगा।
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इस बीच रेलवे ने वडोदरा क्षेत्र में एक और अहम रेल परियोजना को मंजूरी दी गई है। 33 किमी लंबी विश्वामित्री-दभोई रेल लाइन को डबल किया जाएगा। इस पर करीब 394 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अभी इस रूट पर सिंगल लाइन है। इसके कारण ट्रेनों की संख्या बढ़ाने में दिक्कत होती है। दोहरीकरण के बाद रेल संचालन की क्षमता बढ़ेगी। इससे ट्रेनों की आवाजाही ज्यादा सुगम और समयबद्ध हो सकेगी।
विश्वामित्री-दभोई रूट स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की कनेक्टिविटी के लिहाज से भी अहम है। लाइन दोहरी होने से इस दिशा में रेल यातायात की क्षमता बढ़ेगी। इससे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जाने वाले पर्यटकों को भी बेहतर रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है।