पाकिस्तान बेस्ड पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गुल बुखारी घर वापस लौट आई हैं। मंगलवार रात को अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया था। उनके परिवार ने इस बात की पुष्टि की है वह ठीक हैं और घर वापस आ गई हैं। इस घटना पर जवाब देते हुए अमेरिका में रहे पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने ट्वीट कर बताया था कि पाक सेना की राजनीति में हस्तक्षेप को लेकर आलोचना करने वाली पत्रकार गायब हैं।
हक्कानी ने लिखा- स्तंभकार गुल बुखारी की खबर से चिंतित हूं। पाकिस्तानी और ब्रिटिश नागरिकता वाली और पाक सेना द्वारा राजनीति में हस्तक्षेप करने को लेकर आलोचना करने वाली
पत्रकार गायब हैं। उन्हें पाकिस्तान में लागू किए गए प्रदर्शनों की लंबी सूची में शामिल नहीं होना चाहिए। पत्रकार उमेर अली और सईद शाह ने बुखारी के अपहरण की खबर की पुष्टि करते हुए ट्वीट किया था।
उमेर अली ने लिखा, बहुत से पत्रकारों ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया है कि गुल बुखारी को जबरन एक टीवी
टॉक शो में हिस्सा लेने के लिए जाते समय पकड़ लिया गया। वह पाक सेना के कथित राजनीति में हस्तक्षेप करने की आलोचक रही हैं। सईद शाह ने कहा, गुल बुखारी एक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं और पाकिस्तान की सोशल मीडिया आवाज हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें राज्य के एजेंट्स ने अपहृत कर लिया है। ऐसा आम चुनाव से केवल एक हफ्ते पहले हुआ है।
सूत्रों के अनुसार बुखारी का उस समय अपहरण किया गया जब वह फातिमा जिन्ना रोड पर वक्त टीवी के टॉक शो में हिस्सा लेने के लिए स्टूडियो जा रही थीं। जिस वाहन से वह यात्रा कर रही थीं उसे अज्ञात व्यक्तियों द्वारा रोक दिया गया था। उनका लाहौर के छावनी क्षेत्र में बने शेरपाओ ब्रिज पर अपहरण कर लिया गया। उनके परिवार ने पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
पंजाब पुलिस का कहना था कि बुखारी को उनके सुरक्षाबलों ने अपहृत नहीं किया है। पत्रकारों को बचाने वाली समिति जोकि स्वतंत्र संगठन है और दुनियाभर में प्रेस की आजादी को बढ़ावा देती है उसने बुखारी के अपहरण पर चेतावनी जारी की थी। संगठन ने पुलिस से उनकी सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए कहा। बुखारी ने पाकिस्तान के प्रिंट और ब्रॉडकास्ट के विभिन्न समूहों में काम किया है।