यूपी कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी के पार्टी छोड़ने पर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने रीता को दगाबाज करार दिया है। उन्होंने कहा हाल ही में कांग्रेस ने 4-5 बदलाव देखे हैं,उन्हीं में से एक ये भी है। पार्टी को दगाबाज रीता के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गौरतलब है कि यूपी कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो गईं। पार्टी में शामिल होने के बाद मीडिया से बात करते हुए रीता ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर मोदी सरकार की जमकर तारीफ की। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के प्रति कांग्रेस के रुख की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि वह पहले भी इस पर आपत्ति जता चुकी हैं। रीता ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के 'खून की दलाली...' वाले बयान को भी गलत बताया।
रीता बहुगुणा जोशी ने 2014 लोकसभा चुनाव में गृह मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था। वह पिछले कुछ महीनों से कांग्रेस पार्टी में खुद को असहज महसूस कर रही थीं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि वह शीला दीक्षित को सीएम कैंडिडेट घोषित किए जाने से गुस्सा थीं। उन्होंने शीला को बाहरी बताते हुए फैसले पर आपत्ति भी जताई थी।
When whole world has accepted that we carried out #SurgicalStrikes, I didn’t like it when Cong & other parties questioned it: Rita B Joshi pic.twitter.com/uqThfqVvNV
— ANI UP (@ANINewsUP) October 20, 2016
Senior UP Congress leader Rita Bahuguna Joshi joins BJP. pic.twitter.com/KEYYjeZglF
— ANI UP (@ANINewsUP) October 20, 2016
राहुल का नेतृत्व कांग्रेस को नापसंद
रीता बहुगुणा
बीजेपी में शामिल होने के बाद रीता ने मीडिया से कहा, 'मैंने 24 साल कांग्रेस के साथ निष्ठा से कार्य किया है,लेकिन कुछ दिनों से हो रहे घटनाक्रम से बहुत क्षुब्द हूं,इसलिए कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया।' रीता ने कहा कि हमने स्पीकर को इस्तीफा भेज दिया है,लेकिन इसकी संतुति होनी अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने के लिए सेना को इजाजत दी है, मैं उससे बहुत खुश हूं,ये एक सही कदम था।
मोदी जी के इस फैसले और कांग्रेस जैसी पार्टी का इस प्रकार सेना के कार्य पर सवाल उठाने ने मुझे पार्टी को छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने के लिए प्रेरित है।
रीता ने विकास की राह पर यूपी को ले जाने लिए बीजेपी को सबसे काबिल पार्टी करार देते हुए कहा कि कांग्रेस की ऐसी हालत हो गयी है कि अब उन्हें पीके को चुनाव संचालित करवाने के लिए डायरेक्टर बनाना पड़ा है और पार्टी को उन्हें ठेके पर दे दिया गया है।
साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता कांग्रेस को राहुल के नेतृत्व में पसंद नहीं कर रही है। लेकिन कोई ये मानने को तैयार नहीं है। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने रीता पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी मां होती है जो मां कस सम्मान नहीं पर पाया वो किसी का सम्मान नहीं कर पाएगा। उनको बीजेपी में भी सम्मान नहीं मिलेगा।