अगर किसी छात्र को ऐसे चुटकुलों के जरिए चिढ़ाया जाता है जो सरदारों पर बने हैं और उससे उनका मनोबल गिरता है तो ऐसे जोक्स रैगिंग के दायरे में आएंगे। पूर्व सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष एचएस बेदी की अध्यक्षता में बनी समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस तरह का सुझाव दिया है।
समिति ने ये भी कहा है कि सरदारों पर चुटकुले बनाने वाली और उन्हें प्रसारित करने वाली वेबसाइट्स, प्रिंट इलैक्ट्रॉनिक मीडिया पर भी रोक लगनी चाहिए। इसके अलावा अगर कोई मीडिया आउटलेट इस तरह की सामग्री प्रचारित करता है या ऐसे जोक्स को फैलाता है तो उसका लाइसेंस भी रद्द होना चाहिए।
समिति का ये भी सुझाव है कि अगर किसी फिल्म में नस्लीय भेदभाव वाला कंटेंट मौजूद हो तो उसे भी प्रसारित करने पर रोक लगनी चाहिए।