Defence: रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि तीनों सेनाओं, डीआरडीओ और रक्षा उद्योग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है, जिसमें संयुक्त अभियानों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सिग्नेचर प्रबंधन, स्पेक्ट्रम प्रबंधन, मानव संसाधान प्रबंधन और उभरती हुई तकनीकों जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
तीनों सेनाओं, डीआरडीओ और रक्षा उद्योग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में संयुक्त अभियानों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सिग्नेचर प्रबंधन, स्पेक्ट्रम प्रबंधन, मानव संसाधान प्रबंधन और उभरती हुई तकनीकों जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। संयुक्त इलेक्ट्रटमैग्नेटिक बोर्ड (जेईबीएम) की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता एकीकृत रक्षा स्टाफ (अभियान) के उप प्रमुख एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने की। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
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ई-तरंग प्रणाली का हुआ शुभारंभ
बैठक में एआई-समर्थित ई-तरंग प्रणाली का भी शुभारंभ किया गया, जो रक्षा क्षेत्र की प्रभावी योजनाओं और प्रबंधन में मदद करेगी। यह प्रणाली उच्च आवृत्ति बैंड में नई तकनीकों के विकास को समर्थन देगा और युद्धकाल व शांति काल में रक्षा उपकरणों के संचालन को बिना किसी परेशानी के सुनिश्चित करने में मदद करेगा। इस सॉफ्टवेयर को भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना संस्थान (बीआईएसएजी-एन) के सहयोग से विकसित किया गया है।
टेक्निकल न्यूज लेटर जारी किया गया
इसके अलावा, इस बैठक में टेक्निकल न्यूज लेटर-2024 (टीएनएल) भी जारी किया गया, जो भविष्य की उन तकनीकों पर जोर देता है, जो आधुनिक युद्ध की धारा को बदलने की क्षमता रखती हैं। इस दस्तावेज के तैयार करने में तीनों सेनाओं ने अपना पेशेवर योगदान दिया है। बैठक मुख्य उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक युद्ध अभियान में तालेमल बनाना और स्पेक्ट्रम युद्ध में क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक रोडमैप तैयार करना था। इस दौरान भविष्य के लिए तकनीकी विकास और प्रशिक्षण की प्राथमिकताएं भी तय की गईं।
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एयर मार्शल मिश्रा ने बैठक को संबोधित किया और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरणों को प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने के लिए तीनों सेनाओं की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने सितंबर में हुए संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक युद्ध अभ्यास की सफलता की भी सराहना की।