बंगलूरू में आतंकवाद विरोधी तैयारियों को मजबूत करने के लिए कर्नाटक राज्य पुलिस के आतंकवाद विरोधी टास्क फोर्स गरुड़ फोर्स और भारतीय सेना की 4/8 गोरखा राइफल्स ने एक संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य आतंकवादी खतरों के प्रति बहु-एजेंसी प्रतिक्रिया को सामंजस्यपूर्ण, संगठित और समन्वित बनाना था।
राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी तैयारी को मजबूती देने की दिशा में शनिवार को बंगलूरू में मॉक ड्रिल किया गया। कर्नाटक राज्य पुलिस की आतंकवाद विरोधी टास्क फोर्स गरुड़ फोर्स और भारतीय सेना की 4/8 गोरखा राइफल्स ने संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया। अधिकारियों के अनुसार त्रिवेंद्रम ब्रिगेड की कमान में आयोजित यह अभ्यास, सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप सख्त गोपनीयता बनाए रखते हुए, बंगलूरू क्षेत्र में एक उच्च सुरक्षा वाले, अज्ञात स्थान पर हुआ।
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि यह पहली बार है जब दोनों बलों ने एकीकृत संचालन के तहत एक साथ प्रशिक्षण किया। यह अभ्यास गैरिसन कमांडर, बनसवाड़ी मिलिट्री गैरिसन की देखरेख में म्यूचुअल एड स्कीम के तहत आयोजित किया गया। इसमें राज्य पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, सिटी एसडब्लूएटी, बम निरोधक दस्ते, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं और जिला चिकित्सा स्वास्थ्य दल जैसे प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया। इस अभ्यास का उद्देश्य आतंकवादी खतरों के प्रति बहु-एजेंसी प्रतिक्रिया को सामंजस्यपूर्ण, संगठित और समन्वित बनाना था, विशेषकर शहरी परिदृश्यों में।
हम किसी भी खतरे के लिए तैयार हैं- अधिकारी
बयान के अनुसार, इस मॉक ड्रिल ने सभी प्रतिभागी इकाइयों के बीच उच्च स्तर के समन्वय और आपसी विश्वास को दर्शाया। नागरिक और सैन्य संसाधनों का एकीकृत प्रतिक्रियात्मक तंत्र में समावेश देश की सुरक्षा नीति में परिपक्वता और सक्रियता को दर्शाता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने अभ्यास पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सैन्य और नागरिक एजेंसियों के बीच ऐसा एकजुट उद्देश्य और सहज समन्वय देखना उत्साहजनक है। आज का अभ्यास इस बात की पुष्टि करता है कि हम किसी भी सार्वजनिक सुरक्षा खतरे का तेजी से और प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।