देश में नकली दवाओं के खिलाफ सरकार को कई बड़े सबूत हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर जल्द ही बंगाल से लेकर बिहार, यूपी और उत्तराखंड तक संयुक्त अभियान चलाया जाएगा।
नई दिल्ली स्थित केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने जानकारी दी है कि अलग-अलग राज्यों में करीब 12 से ज्यादा फार्मा कंपनियों के लेबल लगी नकली दवाएं बिक रहीं हैं। इसमें कोई एक नहीं, बल्कि कई समूह शामिल हैं, जिन्हें लेकर जल्द ही कार्रवाई शुरू होगी। साक्ष्य बताते हैं कि बाजार में जिन कंपनियों की नकली दवाएं हैं उस सूची में सन फार्मा के अलावा, एल्केम, सिप्ला, ग्लेनमार्क, जीएसके, एबॉट, डॉ. रेड्डी, अरिस्टो, नोवार्टिस जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं। सीडीएससीओ ने इन सभी फार्मा कंपनियों को पत्र लिखकर सहायता मांगी है। पत्र में लिखा है कि वे अपनी-अपनी मार्केटिंग टीम को सक्रिय कर सरकार तक नकली दवाओं की सूचनाएं पहुंचाने में सहायता करें। सीडीएससीओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही केंद्र और राज्य सरकार की टीमें मिलकर छापे मारेंगी। इसमें फार्मा कंपनी के प्रतिनिधि भी शामिल हो सकते हैं, जो असली और नकली के बीच आसानी से पहचान कर सकते हैं।
हाल ही में सन फार्मा कंपनी ने सीडीएससीओ को शिकायत दी कि पश्चिम बंगाल में उनकी कंपनी के नाम से नकली दवाओं का कारोबार हो रहा है। इस शिकायत पर जब कार्रवाई हुई तो करीब दो करोड़ की दवाएं सरकार ने जब्त कीं और दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
इन राज्यों में मारे छापे
पहचान छिपाने की शर्त पर छापामार टीम के एक अधिकारी ने बताया कि हमने नकली दवा के सरगना को पकड़ने के लिए उत्तराखंड, हैदराबाद, सिक्किम और बिहार में छापे मारे हैं। कई स्थानों की पहचान की गई है, जहां आगामी दिनों में सीडीएससीओ अधिकारी छापे मारेंगे। इसी साल अप्रैल में ओडिशा की टीम ने भी बिहार के मुजफ्फरपुर में छापेमारी कर 10 लाख रुपये की नकली दवाएं जब्त की थीं।
दवा लेने से पहले करें जांच
सीडीएससीओ का कहना है कि दवाओं को लेकर मरीज या उनके तीमारदारों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। बाजार में अधिकतर दवाओं पर क्यूआर कोड, वेबसाइट और अन्य तरह के मानक हैं, जिनकी जांच से असली और नकली दवा के बीच अंतर पता किया जा सकता है। साथ ही एक या दो गोली लेते समय भी ध्यान रखें और यह भी देखें कि दवा की खरीद कहां से कर रहे हैं? लोगों की जागरूकता के जरिये नकली दवाओं को और आसानी से खत्म किया जा सकता है।