यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की(फाइल)
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फ्रांस के बाद अब यूक्रेन ने मांगा भारत का समर्थन
रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए एक साल होने में सिर्फ एक दिन शेष है। बुधवार को रूस ने दोनेस्क के बखमुत और अन्य क्षेत्रों में भीषण गोलाबारी बढ़ा दी है। इस बीच यूक्रेन ने शांति पर संयुक्त राष्ट्र में मसौदा प्रस्ताव के लिए भारत का समर्थन मांगा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख एंद्री यरमक ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से फोन पर बात कर नई दिल्ली के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। एक दिन पहले ही फ्रांस की ओर से भी इस मुद्दे पर भारत को समर्थन के लिए मनाने की पहल हुई थी।
मसौदा प्रस्ताव आज ही पेश होना है
यूएन चार्टर सिद्धांतों के समर्थन पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में मसौदा प्रस्ताव 23 फरवरी को पेश होना है। इसमें यूक्रेन में स्थायी शांति की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है। अभी तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र महासभा और मानवाधिकार परिषद में रूस के खिलाफ पेश हुए प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान भारत ज्यादातर अनुपस्थित रहा है।
मोदी-शोल्ज वार्ता के एजेंडे में शीर्ष पर होगा चीन व रूस-यूक्रेन युद्ध
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज की होने वाली बैठक के एजेंडे में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता और रूस-यूक्रेन संघर्ष शीर्ष पर रहेगा। जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने बुधवार को यह बात कही। शोल्ज दो दिन की यात्रा पर शनिवार को भारत पहुंच रहे हैं। एकरमैन ने कहा, भारत के रूस से रियायती दाम पर तेल खरीदने के मुद्दे पर हमारा लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि शोल्ज के दौरे से पहले संयुक्त राष्ट्र में 23 फरवरी को यूक्रेन में शांति के मसौदा प्रस्ताव पर भी जर्मनी भारत से बात कर सकता है।