मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित गुरुकुल में पढ़ने वाली सोलह वर्षीय छात्रा ने पुलिस को बताया था कि उसे पेट दर्द था, जिसके बारे में उसने गुरुकुल में बताया। यहां एक शिक्षिका ने उसके माता-पिता को आसाराम से इलाज कराने को कहा।
आसाराम ने मणाई स्थित आश्रम में इलाज करने के लिए बुलाया था। वह माता-पिता के साथ पहुंची, जिन्हें बाहर की रोक दिया गया और यहां आश्रम में एक अंधेरे कमरे में आसाराम ने यौन शोषण किया। विरोध करने पर आसाराम ने माता-पिता को मार डालने की धमकी दी।
आश्रम में माता-पिता की जान को खतरा होने के कारण नाबालिग चुप रही, लेकिन बाद में अपने माता-पिता को सारी घटना बताई। हिम्मत जुटाकर माता-पिता बेटी को लेकर दिल्ली में एफआईआर करवाने पहुंचे।