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India vs Bharat: 'जिन्ना ने ही इंडिया नाम पर जताई थी आपत्ति', 'भारत' विवाद पर थरूर ने कुछ इस तरह भाजपा को घेरा

Wed, 06 Sep 2023 03:04 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से जी20 रात्रिभोज के लिए भेजे गए निमंत्रण में पारंपरिक 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' के बजाय 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' लिखने पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्षा का आरोप है कि मोदी सरकार इंडिया नाम को पूरी तरह हटाने की योजना बना रही है और देश का नाम सिर्फ भारत ही करना चाहती है।
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Shashi Tharoor - फोटो : Social Media
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विस्तार
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जी-20 के रात्रिभोज का निमंत्रण 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' के नाम से भेजने पर देश में नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार देश का नाम 'इंडिया' की जगह 'भारत' करने जा रही है। इस विवाद के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भाजपा को घेरा है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि इंडिया को 'भारत' कहने में कोई सांविधानिक आपत्ति नहीं है। हालांकि कोई भी सरकार इतनी मूर्ख नहीं होगी कि 'इंडिया' नाम पूरी तरह खत्म कर देगी क्योंकि इस नाम की ब्रांड वैल्यू का कोई पैमाना नहीं है।

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कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने ही 'इंडिया' नाम पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि इसका मतलब यह था कि हमारा देश ब्रिटिश राज का उत्तराधिकारी राष्ट्र था और पाकिस्तान एक अलग देश था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जी20 रात्रिभोज के लिए भेजे गए निमंत्रण में पारंपरिक 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' के बजाय 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' के रूप में वर्णित किया गया है। जिसको लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्षा का आरोप है कि मोदी सरकार इंडिया नाम को हटाने की योजना बना रही है और देश का नाम सिर्फ भारत ही रखना चाहती है।
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इंडिया नाम की बेहिसाब ब्रांड वैल्यू 
थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, इंडिया को 'भारत' कहने में कोई संवैधानिक आपत्ति नहीं है। देश के दो आधिकारिक नामों में से एक है भारत। मुझे उम्मीद है कि सरकार इतना नासमझी भरा कदम नहीं उठाएगी कि 'इंडिया' को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा, जिसकी सदियों से बेहिसाब ब्रांड वैल्यू है। हमें इतिहास के गौरवपूर्ण नाम, एक ऐसा नाम जिसे दुनिया भर में मान्यता प्राप्त है, पर अपना दावा छोड़ने के बजाय दोनों शब्दों का उपयोग जारी रखना चाहिए।



एक अन्य पोस्ट में थरूर ने कहा कि जब इस विषय पर चर्च हो रही है, हमें यह याद रखना चाहिए कि जिन्ना ने ही 'इंडिया' नाम पर आपत्ति जताई थी। CAA की तरह, भाजपा सरकार जिन्ना के विचारों का समर्थन कर रही है!

अचानक नाम बदलने की क्या जरूरत आ पड़ी...
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, यह सर्वविदित है कि इंडिया ही भारत है। ऐसे में अचानक ऐसी क्या जरूरत आ पड़ी कि सिर्फ भारत का इस्तेमाल करना जरूरी हो गया। ममता ने कहा, दुनिया हमारे देश को इंडिया नाम से जानती है। हम अंग्रेजी में इंडिया और इंडियन कॉन्स्टीट्यूशन और हिंदी में भारत व भारत का संविधान लिखते हैं। इसमें नया क्या है। कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास दोबारा लिखा जा रहा है। 

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