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मोसुल के बाद जिहादियों के यूरोप आने का खतरा बढ़ेगा

Tue, 18 Oct 2016 04:17 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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जिहादियों का डर
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एक ओर इराक के मोसुल शहर को इस्लामिक स्टेट के कब्जे से छु़ड़ाने के लिए इराकी सेना का बड़ा अभियान जारी है। वहीं सुरक्षा मामलों के यूरोपीय कमिश्नर ने यूरोप के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। सुरक्षा मामलों के यूरोपीय कमिश्नर ने कहा है कि जैसे ही इराकी सेनाएं आईएस के गढ़ मोसुल पर नियंत्रण कर लेती है, वैसे ही यूरोपीय संघ को जिहादियों के बड़ी संख्या में ईयू में आने के लिए तैयार रहना चाहिए।
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यूरोपीय कमिश्नर जूलियन किंग ने जर्मन अखबार डाई वेल्ट से कहा कि ऐसी संभावना नहीं है कि बड़ी संख्या में आईएस के चरमपंथी यूरोप में आएंगे, लेकिन अगर कुछ जिहादी भी आ जाते हैं तो उनसे गंभीर खतरा हो सकता है।


उनका कहना था कि 2500 से ज्यादा यूरोपीय नागरिक आईएस के लिए लड़ रहे हैं। इराकी सेना और उसके सहयोगियों ने दूसरे दिन भी मोसुल पर जंग का अभियान जारी रखा है। 
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इराकी सेना के टैंको पर हमले किए

जिहादियों का डर
सोमवार रात में लड़ाई होती रही और आईएस के लड़ाकों ने इराकी सेना के टैंको पर हमले किए।

इराकी फ़ौज के साथ मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सेना और मोसुल के बीच लगभग 20 किलोमीटर का फासला बचा है। तोप के गोलों की आवाज सुनी जा रही हैं और एक अमरीकी सैन्य प्रवक्ता ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने हवाई हमले भी किए हैं।
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