गुजरात के युवा दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने शुक्रवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने उनकी 90 फीसदी मांगों पर हामी भरते हुए उन्हें पार्टी के घोषणापत्र में शामिल करने का आश्वासन दिया है। हालांकि मेवाणी कांग्रेस का खुला समर्थन करने से बचते दिखा।
उन्होंने कहा, वह अपने समुदाय के सदस्यों से कहेंगे कि वे गुजरात विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी भाजपा को हराने के लिए वोट करें।’ 182 सदस्यों वाली गुजरात विधानसभा चुनाव में नौ और 14 दिसंबर को दो चरणों में चुनाव होने हैं।
वहीं इस मुलाकात के बाद राहुल ने कहा, ‘हमने सबको सुना और उनकी समस्याओं पर काम किया। चाहे वह जिग्नेश हो, पाटीदार अमानत आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल हों या फिर ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम पर भी तंज कसते हुए राहुल ने कहा, ‘दूसरी तरफ भाजपा है, जो मन की बात के जरिए सिर्फ लोगों को सुनाना चाहती है।’ बंद कमरे में डेढ़ घंटे तक चली राहुल और जिग्नेश की यह मुलाकात नवसारी के बाहरी इलाके में एक फार्म हाउस पर हुई।
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गत वर्ष ऊना में दलितों के साथ हुई घटना के बाद दलित अधिकारों के पैरोकार के तौर पर उभरे मेवाणी ने भाजपा को दलित विरोधी पार्टी बताया। उन्होंने कहा, ‘ऊना की घटना के बाद हमने कई प्रदर्शन किए, सरकार को कई ज्ञापन सौंपे।
इसके बावजूद, सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। वह न केवल दलित विरोधी है बल्कि जन विरोधी भी है। उसने हमारी एक भी मांग पर विचार नहीं किया। हमारी मांगों के संबंध में हमसे बात तक नहीं की।’
मेवाणी ने दावा किया कि गुजरात के लोग भाजपा को उसके घमंड के लिए सबक सिखाएंगे। मेवाणी ने कहा, ‘वहीं कांग्रेस ने दलित समुदाय की बातें सुनी। हमारी राहुलजी से 17 मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है। राहुलजी ने न केवल हमें सुना बल्कि कहा कि 90 फीसदी मांगे हमारा संवैधानिक हक है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि हमारी वैध मांगों को कांग्रेस के घोषणापत्र में जगह दी जाएगी।’