ओडिशा में अस्पताल में इलाजरत प्रोफेसर की जान चली गई। कथित तौर पर मृतक पर इसी साल फरवरी में कॉलेज के एक छात्र ने जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद से ही वह अस्पताल में भर्ती थे।
मृतक के परिजनों ने बुधवार को बताया कि प्रोफेसर आठ महीने तक कोमा में थे। वह जिंदगी और मौत के बीच लड़ते रहे, लेकिन मंगलवार को उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतक अमित बारिक झारसुगुड़ा जिले के काटापल्ली क्षेत्र में पीकेएसएस डिग्री कॉलेज में लेक्चरर के रूप में कार्यरत थे, जबकि आरोपी उसी कॉलेज का डिग्री छात्र है।
क्या था पूरा मामला
लेक्चरर के परिवार के सदस्य अनिरुश बारिक ने बताया कि आरोपी छात्र नियमित रूप से कक्षा में देर से आता था। 22 फरवरी को, जब वह कक्षा में देर से आया था, तो अमित बारिक ने छात्र को कक्षा में प्रवेश करने से पहले प्रिंसिपल से मिलने के लिए कहा था। इस दौरान उनके बीच बहस हुई, जिससे गुस्साए छात्र ने पूरी कक्षा के सामने शिक्षक पर हमला कर दिया।
सिर में आई थी गंभीर चोट
उन्होंने कहा, कि उस घटना में, अमित बारिक के सिर में गंभीर चोटें आईं। उन्हें पहले झारसुगुड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर VIMSAR, बुर्ला में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां मंगलवार की रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने घटना के दिन ही आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। झारसुगुड़ा उपमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) निर्मल महापात्र ने कहा, वह फिलहाल जमानत पर है।
उन्होंने बताया कि आज, उन्हें जानकारी मिली कि इलाज के दौरान प्रोफेसर की मृत्यु हो गई। अब, हम मामले को आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) से 302 (हत्या) में बदलने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। अदालत के निर्देश के अनुसार, आगे की कार्रवाई की जाएगी ।