इस साल के अंत में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में विधानसभा चुनाव होना है। जिसके लिए चुनाव आयोग जल्द अधिसूचना जारी कर सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन तीनों राज्यों में एक साथ चुनाव नहीं कराए जाएंगे। चुनाव आयोग संभवत शुक्रवार को महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर सकता है।
महाराष्ट्र में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा का माहौल बनना शुरू हो गया है। राज्य में भाजपा और शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं लेकिन दोनों के बीच अभी तक सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनी है। बुधवार को महाराष्ट्र के मंत्री दिवाकर राउते ने कहा था कि यदि शिवसेना को 244 में से 144 सीटें नहीं मिलीं तो गठबंधन टूट सकता है। आज संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है।
राउत ने कहा कि अगर अमित शाह जी और सीएम के सामने 50-50 सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय किया गया था, तो उनका बयान गलत नहीं है। चुनाव साथ लड़ेंगे, क्यों नहीं लड़ेंगे।'
हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे विभिन्न सियासी दलों में मुकाबले से पहले टिकट के लिए घमासान जारी है। भाजपा, कांग्रेस हो या फिर अन्य सियासी दल सभी को हर सीट पर जिताऊ चेहरे की तलाश है। राजनीतिक पार्टियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि ऐसे प्रत्याशी को ही मैदान में उतारा जाए, जो जीत का दम रखता हो।
मगर दावेदारों की साइड से देखें तो चुनाव लड़ने के लिए टिकट का हर तलबगार खुद को ‘उन्नीस’ मानने को तैयार नहीं है। हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटों पर भाजपा, कांग्रेस, इनेलो, जजपा, आप, बसपा व अन्य दल प्रत्याशियों की तलाश या फिर उनके नाम फाइनल करने की एक्सरसाइज में जुटे हैं।
चुनावी बिगुल बजते ही संभवत टिकट फाइनल करने की यह कसरत और तेज हो जाएगी। जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से ये पार्टियां सभी सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करेंगी।