जेट ईंधन की कीमतों में भारी उछाल
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पश्चिम एशिया संकट के चलते भारत में जेट ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। पूर्व में इंडियन ऑयल कोर्पोरेशन ने जो डेटा साझा किया था, उसमें घरेलू उड़ानों के लिए जेट ईंधन की कीमतें 2 लाख प्रति किलो लीटर से ज्यादा होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि जल्द ही दरों में सुधार किया गया और सरकार ने साफ किया कि एयरलाइंस पर बढ़ोतरी का पूरा बोझ नहीं पड़ेगा। इंडियन ऑयल ने जो संशोधित दरें जारी की हैं, उनके मुताबिक दिल्ली में जेट ईंधन की कीमत 1,04,927 रुपये प्रति किलो लीटर होगी। कोलकाता में ये आंकड़ा 1,09,450 है। वहीं मुंबई में नई कीमतें 98,247 होंगी।
जेट ईंधन की कीमतों में कितनी हुई बढ़ोतरी?
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि भारत में जेट ईंधन की कीमतें रेगुलेशन से बाहर हैं और ये तेल की मासिक कीमतों के आधार पर तय होती है। पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के चलते पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिसके चलते 1 अप्रैल से जेट ईंधन की कीमतों में 100 फीसदी की बढ़ोतरी होने की आशंका थी। हालांकि सरकार ने तेल कंपनियों के साथ चर्चा के बाद फिलहाल घरेलू उड़ानों के लिए प्रति लीटर पर 15 रुपये बढ़ाने का फैसला किया है, जो कि सिर्फ 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
वहीं विदेशी उड़ानों के लिए जेट ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का भुगतान उसी अनुपात में किया जाएगा, जैसा दुनिया के अन्य हिस्सों में होता है। अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के आंकड़ों से पता चलता है कि वैश्विक जेट ईंधन की कीमतें एक महीने के भीतर लगभग दोगुनी हो गई हैं। रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। एक डॉलर की कीमत 95 रुपये से भी ज्यादा हो गई है।
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एयरलाइंस की लागत बढ़ेगी
घरेलू उड़ानों के लिए जेट ईंधन भारत में सबसे ज्यादा महंगा है। एयरलाइंस की लागत में जेट ईंधन का हिस्सा करीब 40 से 45 प्रतिशत होता है। ऐसे में जेट ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि से एयरलाइंस की लागत में भारी बढ़ोतरी होगी औऱ इसका असर हवाई यात्रियों पर पड़ना स्वभाविक है। हवाई किराए में बढ़ोतरी मांग को कम कर सकती है। जिसके चलते कई एयरलाइंस को अपनी उड़ाने घटानी पड़ सकती हैं। पहले से ही संकट से जूझ रहीं एयरलाइंस के लिए ये समय बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाला है। पश्चिम एशिया संकट के चलते पहले ही एयरलाइंस लंबे रूट के चलते आर्थिक बोझ झेल रही हैं और अब जेट ईंधन की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी उनके संकट में और इजाफा करेगा।