जेट एयरवेज ने 21 जून को डीजीसीए को लिखे पत्र में कहा, ‘‘वर्ष 2019 में हवाई संचालन को रोकने के बाद हमने पट्टे पर लिए कई विमानों को वापस लौटा दिया था। इन्हें बाद में फिर स्पाइसजेट जैसे कुछ घरेलू विमानन कंपनियों को पट्टे पर दे दिया गया।’’
जेट एयरवेज ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से स्पाइसजेट को उसके विमानों जैसी ‘पहचान’ को हटाने का निर्देश देने के लिए कहा है। विमानन कंपनी का कहना है कि स्पाइसजेट के विमानों पर उसके विमानों जैसी पहचान है, जो जनता को गुमराह करने के साथ सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
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हर विमानन कंपनी की किसी न किसी विशेष रंग के संयोजन में अपनी खुद की एक पहचान होती है और उसके विमानों पर एक खास तरह का प्रतीक चिह्न भी होता है। इस अंग्रेजी में ‘लिवेरी’ कहा जाता है।
जेट एयरवेज ने पत्र में क्या कहा
जेट एयरवेज ने 21 जून को डीजीसीए को लिखे पत्र में कहा, ‘‘वर्ष 2019 में हवाई संचालन को रोकने के बाद हमने पट्टे पर लिए कई विमानों को वापस लौटा दिया था। इन्हें बाद में फिर स्पाइसजेट जैसे कुछ घरेलू विमानन कंपनियों को पट्टे पर दे दिया गया।’’
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कंपनी ने कहा कि इनमें से कई विमान जेट एयरवेज के रंगों या पहचान के साथ हवाई संचालन जारी रखे हुए है। जेट एयरवेज ने कहा, ‘‘साथ ही विमानों पर कंपनी के प्रतीक चिह्न के ऊपर भी रंग दिया गया है लेकिन उसके बावजूद अगर कोई ध्यान से देखे, तो चिह्न फिर भी दिखता है।’’
पत्र में कहा गया कि इनमें से कुछ विमान दुर्घटनाओं या घटनाओं में शामिल रहे हैं, और उनकी तस्वीरें मीडिया में व्यापक रूप से प्रसारित की गई हैं।
डीजीसीए से नहीं मिला कोई जवाब : स्पाइसजेट
इस मामले पर स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने एक बयान में पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘हमें डीजीसीए से कोई संदेश नहीं मिला है। पुराने विमानों को चरणबद्ध किया जा रहा है और कई विमानों को पहले ही बेड़े से हटा दिया गया है। उनकी जगह पर 737मैक्स द्वारा संचालन किया जा रहा है।’’ वहीं, जेट एयरवेज इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।