वित्तीय संकट से जूझ रही जेट एयरवेज को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक, एसबीआई से 15 अरब रुपये के नए कर्ज को लेकर बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है। उम्मीद है कि जेट एयरवेज को पूंजीगत जरूरतें पूरा करने के लिए एसबीआई जल्द नया कर्ज दे देगा। एयरलाइन ने 8 जनवरी को एसबीआई अधिकारियों के साथ कर्ज योजना को लेकर होने वाली बैठक में वेंडर और कर्जदाताओं को भी बुलाया है।
सूत्रों के मुताबिक, जेट एयरवेज पर पायलट, कर्मचारियों, कर्जदाताओं, बैंकों और वेंडरों का काफी बकाया है। तेल कीमतों में बढ़ोतरी और घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनी की दिक्कतें बढ़ गई हैं। कर्जदाताओं का बकाया भुगतान नहीं करने पर कंपनी पहले ही चार बोइंग 737 मैक्स विमानों का संचालन नहीं कर पा रही है। अगले सप्ताह होने वाली बैठक में अगर कर्जदाता योजना से संतुष्ट नहीं होते हैं तो कंपनी को और विमानों का संचालन बंद करना पड़ सकता है। जेट के पास कुल 124 विमान हैं, जिनमें से ज्यादातर लीज पर हैं।
फॉरेंसिक ऑडिट के बाद सहमति
एसबीआई पहले भी कंपनी को 16 अरब रुपये का कर्ज दे चुका है। लिहाजा बैंक ने कंपनी का फोरेंसिक ऑडिट कराने के बाद 15 अरब रुपये का नया कर्ज देने पर सहमति जताई है। ऑडिट प्रक्रिया दिसंबर में शुरू हुई थी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि कर्ज से कंपनी को परिचालन जरूरतें पूरा करने के लिए पैसा तो मिलेगा, लेकिन उसकी दीर्घकालिक समस्या हल नहीं होगी।