जेडीयू के आरसीपी सिंह और समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान
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जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) सांसद रामचंद्र प्रसाद सिंह ने नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। इसका भारत के मुसलमानों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की एक संस्कृति रही है। बार-बार एनआरसी की चर्चा करते हैं। सी से आगे बढ़िए डी है। हमारे लिए नैशनल रजिस्टर ऑफ डिवेलपमेंट हैं।
आरसीपी सिंह ने टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने हमारी नैतिकता पर सवाल उठाया, आपको बता देता हूं एनडीए सरकार ने 1 कलम से एक बार में 2460 मदरसे बनाए।
सपा बोली- जिन्ना का ख्वाब पूरा करने जा रही सरकार
वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान ने कहा कि टू नेशन थ्योरी (द्विराष्ट्र सिद्धांत) का समर्थन सावरकर और जिन्ना ने किया। आपके कई सहयोगियों ने मुस्लिम मुक्त बनाने का बयान दिया है। हमारे देश की सरकार जिन्ना का ख्वाब पूरा करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि बार-बार गृहमंत्री ने कहा इस बिल का मुसलमानों से लेना-देना नहीं है। क्यों? मुसलमान दूसरे दर्जे के नागरिक हैं? दूसरे दर्जे के शहरी हैं?
टीएमसी ने नाजीवाद से की नागरिकता विधेयक की तुलना
राज्यसभा में पेश नागरिकता संशोधन विधेयक का तृणमूल कांग्रेस ने जमकर विरोध किया। टीएमसी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओब्रायन ने कहा कि यह बिल असंवैधानिक है और इस पर संग्राम-जनआंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि इस बिल को बनाने वालों ने नाजीवाद से प्रेरणा ली है।
धमकी भरे लहजे में ब्रयान ने कहा कि टीएमसी को इसकी आदत है। उन्होंने कहा कि ये बिल सुप्रीम कोर्ट में भी जाएगा क्योंकि इनकी नींव झूठ, झांसा और जुमला है।
उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। असल में यह पाकिस्तान के राष्ट्रपिता मोहम्मद अली जिन्ना की कब्र पर दर्ज होगा।