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नीतीश ने भाजपा को दिखाए तेवर, बोले- खुद नजरअंदाज हो जाएंगे हमारी अनदेखी करने वाले

Mon, 09 Jul 2018 03:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर सीधा सियासी वार करने के साथ ही भाजपा को भी सीधा सियासी संदेश दिया है।

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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के चार दिन पूर्व पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश ने बुरी स्थिति में भी पार्टी को 17 फीसदी वोट मिलने की याद दिलाते हुए कहा कि 'हमारी अनदेखी करने वाले, खुद नजरअंदाज हो जाएंगे।' 

नीतीश ने इस दौरान भ्रष्टाचार, अपराध और सांप्रदायिकता के खिलाफ सख्ती से पेश आने की बात दुहराई और कहा सत्ता रहे या जाए वह इन तीन मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेंगे। हालांकि इस दौरान जदयू ने अगला लोकसभा चुनाव राजग के साथ लडने की भी घोषणा की। 
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बिहार के सीएम ने कहा कि उनके महागठबंधन में जाने की बात फैलाई जा रही है। उन्हें किनारे करने के लिए साजिश के तहत ऐसी बातें फैलाई जा रही। सच्चाई यह है कि कोई उन्हें न तो अलग-थलग कर सकता है और न ही कोई नजरअंदाज ही कर सकता है। ऐसा करने वाले राजनीति में खुद नजरअंदाज हो जाएंगे। इस दौरान सीएम ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का नाम लिए बिना सियासी हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेल में दंगा के आरोपियों से मिल रहे हैं। 

आंसू बहाते हैं और झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि तीन सी (करप्शन, क्राइम और कम्युलिजम) पर हम किसी के दबाव में आने वाले नहीं हैं। ऐसे मामलों में हम न तो किसी को छोड़ते हैं न ही किसी को फंसाते हैं। इन मुद्दों पर हमने कभी कुर्सी आने जाने की परवाह नहीं की है। 

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भ्रष्टाचार पर राहुल का रुख अस्पष्ट 

नीतीश ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष पर भ्रमित होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में रहते उन्होंने भ्रष्टाचार के सवाल पर तीन बार राहुल से मुलाकात की। मगर वह अपना स्टैंड साफ नहीं कर सके। 

नीतीश का बयान क्यों अहम 

भाजपा को जदयू की अनदेखी न करने की नीतीश की नसीहत ऐसे में समय आई है जब सूबे में लोकसभा की सीटों के बंटवार के सवाल पर उनकी बृहस्पतिवार को शाह से मुलाकात होनी है। 

जदयू की योजना सूबे में कम से कम 16 सीटें हासिल करने और भाजपा पर दबाव बनाने के लिए झारखंड और उत्तर प्रदेश में भी सीटें मांगने की है। भाजपा लोकसभा में प्रदर्शन को सीटों के बंटवारे का पैमाना बनाना चाहती है तो जदयू विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन को। 

इन मुद्दों पर तेवर दिखाने की योजना 

जदयू ने हालांकि अगला लोकसभा चुनाव राजग के साथ लड़ने की बात कही है, मगर सूबे को विशेष राज्य का दर्जा और असम नागरिक संशोधन बिल पर भाजपा को तेवर दिखाने की रणनीति बनाई है। बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी की वन नेशन वन इलेक्शन के आह्वान का प्रस्ताव पारित कर समर्थन किया गया। 
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