नीतीश ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष पर भ्रमित होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में रहते उन्होंने भ्रष्टाचार के सवाल पर तीन बार राहुल से मुलाकात की। मगर वह अपना स्टैंड साफ नहीं कर सके।
नीतीश का बयान क्यों अहम
भाजपा को जदयू की अनदेखी न करने की नीतीश की नसीहत ऐसे में समय आई है जब सूबे में लोकसभा की सीटों के बंटवार के सवाल पर उनकी बृहस्पतिवार को शाह से मुलाकात होनी है।
जदयू की योजना सूबे में कम से कम 16 सीटें हासिल करने और भाजपा पर दबाव बनाने के लिए झारखंड और उत्तर प्रदेश में भी सीटें मांगने की है। भाजपा लोकसभा में प्रदर्शन को सीटों के बंटवारे का पैमाना बनाना चाहती है तो जदयू विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन को।
इन मुद्दों पर तेवर दिखाने की योजना
जदयू ने हालांकि अगला लोकसभा चुनाव राजग के साथ लड़ने की बात कही है, मगर सूबे को विशेष राज्य का दर्जा और असम नागरिक संशोधन बिल पर भाजपा को तेवर दिखाने की रणनीति बनाई है। बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी की वन नेशन वन इलेक्शन के आह्वान का प्रस्ताव पारित कर समर्थन किया गया।