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वेंकैया के समर्थन पर असमंजस में जदयू सांसद

Fri, 28 Jul 2017 09:51 PM IST
amarujala.com- Presented by: संजय मिश्र
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V. Naidu
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बिहार के बदले राजनीतिक समीकरण का असर उपराष्ट्रपति चुनाव पर पडने वाला है। वैसे संख्या बल के मामले में राजग उम्मीदवार वेंकैया नायडू की स्थिति पहले से ही मजबूत हैं। भाजपा का दावा उनके पक्ष में 520 सांसदों के होने का दावा पहले से ही था। मगर जदयू सांसदों के सामने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर उलझन पैदा हो गया है। 
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जदयू के सांसद असमंजस में हैं। इस मामले में उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे का इंतजार है। जदयू ने पहले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी का समर्थन किया हुआ है। लेकिन भाजपा के समर्थन से बिहार में सरकार बनाने के बाद अब जदयू के लिए परिस्थितियां बदल गई हैं। उसके सांसदों को नायडू के पक्ष में मतदान करना पडेगा। हालांकि जदयू अभी राजग का औपचारिक सदस्य नहीं बना है। बावजूद उसके सांसदों के बीच असमंजस है।


जदयू में क्रास वोटिंग की संभावना

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पाला बदलते हुए राजद का साथ छोड अब दोबारा से भाजपा का दामन थाम लिया है। लेकिन आने वाले दिनों में उनकी परेशानियां और बढने वाली हैं। उनके सांसदों को अब संसद में भाजपा का साथ देना पडेगा। सांसदों की पहली परीक्षा 5 अगस्त को होने वाले उपराष्ट्रपति के चुनाव में होनी है। अब तक जदयू सांसद इस पद के लिए गोपाल गांधी के नाम की माला जप रहे थे। शरद यादव की स्थिति सबसे असहज हो रही है।
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नामांकन फार्म पर वे गोपाल गांधी के प्रस्तावक हैं। लेकिन बदली परिस्थितियों में यदि वे पार्टी लाईन का पालन करते हुए वोट करेंगे तो उन्हें नायडू को मत डालना पडेगा। सूत्र बताते हैं कि भाजपा का दामन थामने के मामले को लेकर कुछ सांसद नीतीश से नाराज हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव में वे अपने पुराने निर्णय पर कायम रहते हुए गोपाल गांधी के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। 


उल्लेखनीय है कि राज्यसभा में जदयू के सांसदों की संख्या9 है तो लोकसभा में उसके सदस्यों की संख्या 2 है।पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार उपराष्ट्रपति चुनाव में नायडू के समर्थन पर नीतीश के रूख का इंतजार है। यदि नीतीश ने नायडू के पक्ष में फरमान जारी किया तो अली अनवर के साथ कुछ अन्य सांसद भी गोपाल गांधी को अपना वोट दे सकते हैं। बिहार में बहुमत साबित करने का दबाव झेल रहे नीतीश को उपराष्ट्रपति चुनाव में सांसदों के वोट क्रास रोकने की तरकीब भी निकालनी होगी।
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