जनता दल (यू) ने मंगलवार को हुई बैठक में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को लेकर अपनी राय साफ कर दी है। जदयू ने तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखने के लिए राजद को चार दिन का समय दिया है। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने बिना किसी का नाम कहा कि हम गठबंधन धर्म का पालन करना जानते हैं लेकिन जिनको आरोपी बनाया गया है, उम्मीद करते हैं कि वे तथ्यों के साथ जनता के समक्ष अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
जेडीयू के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति फिर तेज हो गई है। लालू यादव पूरे दिन रांची में रहे, देर शाम पटना पहुंचे। लालू के पटना पहुंचते ही आरेजेडी कार्यकर्ताओं और विधायकों का लालू के आवास पर जमावड़ा लग गया। वहीं आरजेडी ने साफ कर दिया है कि तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे।
सूत्रों के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने देर शाम नीतीश कुमार से फोन पर बात की। हालांकि, बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने अपना स्टैंड राहुल को बता दिया है। बातचीत में राहुल भी नीतीश के बातों से सहमत नजर आए।
तेजस्वी से इस्तीफा मांगने के सवाल पर नीरज कुमार ने कहा कि हमने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रख दी है। वहीं जदयू नेता रमई राम ने कहा कि किसी भी फैसले के लिए बैठक में नीतीश कुमार को अधिकृत कर दिया गया है। चार दिन बाद जारी गतिरोध को लेकर सबकुछ साफ हो जाएगा।
मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर जदयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह की अध्यक्षता में करीब तीन घंटे तक चली बैठक में पार्टी के करीब 27 नेताओं ने अपने विचार रखे। जय कुमार सिंह ने सबसे पहले अपनी बात रखी, जबकि सबसे अंत में नीतीश ने बैठक को संबोधित किया। दो नेताओं को छोड़कर सभी ने सिद्धांतों से समझौता न करने की सलाह दी, जबकि दो नेताओं ने गठबंधन कायम रखने पर जोर दिया।