एक रिपोर्ट के अनुसार 2015-16 के दौरान 32 क्षेत्रीय दलों की कुल कमाई 221.48 करोड़ रुपये हुई, जिसमें से 110 करोड़ रुपये खर्च नहीं किए गए। इन पार्टियों में सबसे ज्यादा कमाई डीएमके की हुई।
एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने शुक्रवार को बताया कि 2015-16 के दौरान इन क्षेत्रीय दलों ने कुल कमाई में से 111.48 करोड़ रुपये खर्च किए और 110 करोड़ रुपये (49.67 फीसदी कुल कमाई का) को खर्च नहीं की गई कमाई के रूप में घोषित किया।
थिंक टैंक ने बताया कि कुल 47 क्षेत्रीय दलों में से सपा और राजद समेत 15 दलों ने भारतीय चुनाव आयोग को अब तक 2015-16 की ऑडिट रिपोर्ट जमा नहीं कराई है। जबकि ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर, 2016 थी।
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एडीआर ने कहा कि इस दौरान डीएमके की सर्वाधिक 77.63 करोड़ रुपये कमाई हुई। 32 दलों की कुल कमाई का 35.05 फीसदी सिर्फ डीएमके के नाम है। 54.93 करोड़ रुपये की कमाई के साथ एआईएडीएमके दूसरे नंबर पर रही। वहीं 15.97 करोड़ रुपए की कमाई के साथ तीसरे नंबर पर टीडीपी ने जगह बनाई।
वहीं बात अगर खर्च की करें तो टॉप तीन दलों में जदयू पहले नंबर पर है। जदयू ने इस दौरान 23.46 करोड़ रुपये खर्च किए। वहीं टीडीपी ने 13.10 करोड़ रुपये, तो दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने 11.09 करोड़ रुपये खर्च किए।