कर्नाटक सरकार के एक मंत्री की टिप्पणी मीडिया में लीक होने के बाद राज्य में सियासत गर्मा गई है। इसने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को भी काफी असहज कर दिया है। एक ऑडियो क्लिप में कर्नाटक के कानून मंत्री जेसी मधुस्वामी कहते हुए सुनाई पड़ रहे हैं कि हम सरकार चला नहीं रहे हैं, हम बस इसे मैनेज कर रहे हैं।
बोम्मई को सीएम पद से हटाने की चर्चा
यह टिप्पणी ऐसे वक्त पर सामने आई है जब 62 वर्षीय बोम्मई को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही मुख्यमंत्री पद से हटाने की चर्चा चल रही है। अगले साल कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस बीच ऐसी खबरें हैं कि भाजपा बोम्मई के कामकाज से खुश नहीं है और चुनाव से पहले किसी नए चेहरे को मौका देना चाहती है। 2021 में बीएस येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बोम्मई को उनकी जगह शपथ दिलाई गई थी।
दरअसल मधुस्वामी और चन्नापटना के सामाजिक कार्यकर्ता भास्कर के बीच फोन पर हुई एक बातचीत शनिवार को सामने आई थी। इस बातचीत में मधुस्वामी ने किसानों के संबंध में वीएसएसएन बैंक के खिलाफ भास्कर की शिकायतों के जवाब में कहा, ‘‘हम यहां सरकार नहीं चला रहे, हम बस किसी तरह संभाल रहे हैं और अगले 7-8 महीने तक किसी तरह खींचना है।''
वरिष्ठ मंत्री ने मांगा इस्तीफा
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्यानिकी मंत्री मुनिरत्ना ने कहा कि मधुस्वामी को इस तरह का बयान देने से पहले तत्काल मंत्रालय से इस्तीफा दे देना चाहिए। वह सरकार का हिस्सा हैं और मंत्रिमंडल में हिस्सा लेते रहे हैं, इसलिए उनकी भी इसमें हिस्सेदारी है। जिम्मेदार पद पर रहते हुए इस तरह के बयान देना सही नहीं है। सहकारिता मंत्री एस टी सोमशेखर ने भी मधुस्वामी पर निशाना साधते हुए कहा था कि अगर यह उनके विचार हैं तो यह गलत है।
कुछ दिनों पहले गृहमंत्री अमित शाह अचानक कर्नाटक के दौरे पर पहुंचे थे। इसके बाद ऐसा अनुमान लगाया जाने लगा था कि बोम्मई की सीएम पद से विदाई हो सकती है। कानून मंत्री का ऑडियो लीक होने के बाद आज मुख्यमंत्री ने खुद भी कहा कि सबकुछ ठीक है और कोई परेशानी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस मामले में लोगों से बात करेंगे और मामले को सुलझाएंगे। कानून मंत्री की टिप्पणी पर बोम्मई ने कहा कि इसे गलत संदर्भ में लिया गया है। उनका कहना है कि यह टिप्पणी बैंकों द्वारा ब्याज की मांग को लेकर की गई थी।
कानून-व्यवस्था को लेकर निशाने पर बोम्मई
हालिया समय में मुख्यमंत्री बोम्मई की कानून-व्यवस्था को लेकर आलोचना होती रही है। कर्नाटक में लगातार सांप्रदायिक घटनाए हो रही हैं। पिछले महीने यहां पर एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या भी हो गई थी जिस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त रोष प्रकट किया था। वहीं जब दोषियों पर कार्रवाई के लिए सीएम बोम्मई की आलोचना हुई तो उन्होंने प्रदेश में सांप्रदायिक घटनाओं को रोकने के लिए योगी मॉडल लाने की बात कही थी।