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'अस्पताल में भर्ती होने से पहले जयललिता को किसी ने धक्का मारा था'

Thu, 02 Mar 2017 10:20 PM IST
amarujala.com- presented by: रोहित कुमार पोरवाल
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जयललिता - फोटो : file photo
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तमिलनाडु की पू्र्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत की गुत्थी एकबार फिर उलझती जा रही है। एकबार फिर AIADMK नेता ने आरोप लगाया है कि जयललिता के अस्पताल में भर्ती होने से पहले उन्हें किसी ने धक्का मारा था। 
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक AIADMK नेता और सूबे के पू्र्व स्पीकर पीएच पांडियन ने आरोप लगाया कि पिछले साल 22 सितंबर को जयललिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उससे पहले उन्हें किसी ने धक्का मारकर गिराया था। उसके बाद किसी को पता नहीं चला कि अम्मा को क्या हुआ। एक पुलिस अधिकारी ने एंबुलेंस बुलाई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। 

पांडियन ने ये सारी बातें पनीरसेल्वम के आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहीं।

अपोलो अस्पताल से हटा लिए गए थे 27 सीसीटीवी कैमरे

फाइल फोटो
पांडियन ने बताया कि अपोलो अस्पताल में अम्मा जब भरती हुईं, तो 27 सीसीटीवी कैमरे वहां से हटा लिए गए थे। अस्पताल प्रबंधन को इस बात का जवाब देना चाहिए कि उन्होंने कैमरे वहां से क्यों हटाए?

उन्होंने बताया कि 4 दिसंबर को साढ़े चार बजे जयललिता की मृत्यु हुई, लेकिन अस्पताल ने 5 दिसंबर को उनकी मृत्यु की जानकारी दी।

पांडियन जानना चाहते थे कि परिवार के किस सदस्य ने जयललिता को दिए जाने वाले इलाज को रोकने के लिए कहा था।

पांडियन से जब यह पूछा गया कि वह किस आधार पर ये सारी बातें कह रहे हैं तो उन्होंने कहा कि उनके अपने सूत्रों से ये बातें पता चली हैं और वह व्यक्तिगत तौर पर इस मामले की जांच भी करवा रहे हैं।
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'जून 2015 में जयललिता को इलाज के लिए सिंगापुर जाने से किसने रोका था?'

फाइल फोटो
पांडियन ने कहा कि 'अम्मा' को दिए गए इलाज पर संदेह है। मुख्यमंत्री होते हुए भी उन्हें एसपीजी सुरक्षा में रखा गया। क्या अम्मा का खाना एसपीजी नियम के तहत जांच किया गया था और एसपीजी को अस्पताल में प्रवेश क्यों नहीं दिया गया था?

उन्होंने यह भी कहा कि अपोलो अस्पताल में कई फिजियोथेरेपिस्ट जब पहले से मौजूद थे तो सिंगापुर से फिजियोथेरेपिस्ट क्यों बुलाए गए?

पांडियन ने कहा तीन सीटों पर उपचुनावों के लिए उम्मीदवारों के पंजीकरण के लिए फॉर्म ए और बी के लिए जयललिता के अंगूठे का निशान लिया गया, वे फॉर्म किसने भरे थे? क्या जयललिता के अंगूठे के निशान दूसरे कागजातों पर भी लिए गए थे? जो डॉक्टर और लोग उस वक्त अम्मा के साथ थे, उन्हें इस बात का जवाब देना चाहिए।

पांडियन ने बताया कि जून 2015 जयललिता इलाज के लिए सिंगापुर जाने वाली थीं और चेन्नई एयरपोर्ट पर एक पैरा एंबुलेंस हेलीकॉप्टर इस काम के लिए तैयार रखा गया था, लेकिन सिंगापुर जाने से उन्हें किसने रोक लिया था?
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