तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की भतीजी दीपा जयकुमार ने मंगलवार को राजनीति में उतरने का ऐलान कर दिया। हालांकि जयकुमार अपनी योजना का खुलासा पूर्व मुख्यमंत्री के जन्मदिन के मौके पर 24 फरवरी को करेंगी। दिवंगत जयललिता की मृत्यु के 40 दिन बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दीपा जयकुमार ने कहा, 'मैं अपनी राजनीतिक पारी सही समय पर शुरू करूंगी।' बता दें कि 5 दिसंबर को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने अंतिम सांस ली थी।
गौरतलब है कि सत्ताधारी पार्टी एआईएडीएमके मंगलवार को जयललिता के मेंटर और एआईएडीएमके के संस्थापक एमजी रामचंद्रन की जयंती मना रही है। प्रेस को संबोधित करते हुए दीपा जयकुमार ने कहा, 'आज मैं अपने जीवन में एक नई यात्रा शुरू करने जा रही हूं।'
42 वर्षीय दीपा जयकुमार की शक्लोसूरत और पहनावा जयललिता से काफी मिलता जुलता है। कुछ हफ्ते पहले तमिलनाडु में लगे पोस्टरों में दीपा जयकुमार पूर्व मुख्यमंत्री के अंदाज में समर्थकों का अभिवादन करती दिख रही हैं। इसके साथ ही साड़ी को लपेटकर पहनने का उनका अंदाज भी जयललिता के जैसा ही है।
एआईएडीएमके में एक धड़ा दीपा जयकुमार को जयललिता की करीबी दोस्त शशिकल नटराजन के लिए चुनौती के रूप में देख रहा है। दशकों तक जयललिता की हमसाया रहीं शशिकला को हाल ही में एआईएडीएमके प्रमुख चुना गया है।
लंदन से पढ़ी लिखी जयललिता के भाई की बेटी उस समय चर्चा में आईं जब उन्होंने पिछले साल चेन्नई में अपोलो अस्पताल में जयललिता से मिलने की अनुमति न मिलने को लेकर शिकायत की। बाद में उन्होंने यह भी शिकायत की, कि उन्हें जयललिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने दिया गया।
दीपा के घर जुटने लगी है समर्थकों की भीड़
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एनडीटीवी पर लिखे अपने ब्लॉग में दीपा जयकुमार ने लिखा, 'खून का रिश्ता होने की वजह से मैं उनके कठिन समय में साथ रहना चाहती थी, वो ऐसी व्यक्ति थी जिनका मैं सबसे ज्यादा सम्मान करती थी, मैं हमेशा उनका साथ चाहती थी। कई लोग मुझे उनकी उत्तराधिकारी के रूप में देखते हैं।'
गौरतलब है कि दीपा जयकुमार 2007 के बाद से जयललिता से कभी मिली नहीं और न उनके आवास पोएस गॉर्डेन में प्रवेश किया । शशिकला के भतीजे को जयललिता द्वारा अपनाए जाने को लेकर परिवार में मतभिन्नता रही और पूर्व मुख्यमंत्री के पिता की मृत्यु के बाद आपसी बातचीत पूरी तरह बंद हो गई।
जयललिता की मृत्यु के हफ्तों बाद अपने घर पर जमा हुए समर्थकों से दीपा जयकुमार ने कहा, 'राजनीति में मेरी एंट्री को रोका नहीं जा सकता।' पिछले कुछ हफ्ते से दीपा जयकुमार के घर पर एआईएडीएमके कार्यकर्ताओं की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी है।
हाल ही में जयललिता की विधानसभा सीट आरके नगर में हुई रैली में एआईएडीएमके काडर के एक धड़े ने खुले तौर पर शशिकला का विरोध किया और दीपा जयकुमार को चुनाव लड़ाने की मांग की। एआईएडीएमके प्रवक्ता सीआर सरस्वती ने कहा, 'दीपा जयकुमार इतने सालों से कहां थीं, पार्टी ने औपचारिक तौर पर शशिकला को नेता चुना है और असली काडर चिनम्मा के साथ है।'