महाराष्ट्र में मंगलवार की सुबह चलती ट्रेन के शौचालय में जवान ने बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की और उसे ट्रैक पर फेंक दिया। इससे पहले पूर्व सैनिक की आठ साल की इस बेटी ने उस जवान का डटकर मुकाबला किया।
अदम्य साहस दिखाते हुए आठ साल की बच्ची ने अपनी बहादुरी से न केवल खुद के साथ दुष्कर्म की कोशिश को नाकाम किया, बल्कि आरोपी 33 वर्षीय सैनिक को भी गिरफ्तार करवा दिया।
विज्ञापन
बच्ची के बताए विवरण के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना गोवा—निजामुद्दीन एक्सप्रेस में सतारा जिले के लोनांड और सालपा रेलवे स्टेशन के बीच हुई।
पुणे डिवीजन के जीआरपी एसपी सदानंद वायसे पाटिल ने बताया कि लड़की अपने माता—पिता और भाई—बहन के साथ दिल्ली आ रही थी। उन्होंने बताया कि आरोपी प्रभु मालप्पा उपहार बर्थ पर गहरी नींद में सो रही बच्ची को उठा कर ट्रेन के शौचालय में ले गया।
विज्ञापन
आरोपी ने उससे गलत हरकत करने की कोशिश की तो वह जाग गई और विरोध के साथ चिल्लाना शुरू कर दिया। तब आरोपी ने कहा कि वह उसे उसके माता पिता के पास पहुंचा देगा, लेकिन शौचालय से बाहर निकलने के बाद आरोपी ने बच्ची को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया।
संयोग से ट्रेन उस समय धीमी रफ्तार से चल रही थी, इसलिए बच्ची को गंभीर चोट नहीं आई। एसपी ने कहा कि कुछ लोगों ने बच्ची को ट्रैक पर देखा, तो उसे अस्पताल ले गए। अस्पताल में बच्ची न केवल आपबीती बताई, बल्कि आरोपी जवान का पूरा हुलिया भी बयान किया।
उसके बाद 400 पुलिसकर्मियों की मदद से ट्रेन में तलाशी अभियान चलाकर आरोपी को पकड़ लिया गया। आरोपी उपहार सेना में नायक के पद पर उत्तर प्रदेश के झांसी में तैनात है।