फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मथुरा हिंसा: गरमाई सूबे की सियासत, सरकार से मांगा इस्तीफा, न्यायिक जांच की मांग

Sat, 04 Jun 2016 12:05 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली/ मथुरा/ लखनऊ
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, मथुरा
विज्ञापन
मथुरा में अवैध कब्जा हटाने को लेकर हुई हिंसा में दो पुलिस अधिकारियों समेत दो दर्जन लोगों की मौत पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर जमकर हल्ला बोला है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रदेश सरकार से इस्तीफे की मांग करते हुए पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच कराने की मांग की है वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने सीधे तौर पर वरिष्ठ मंत्री व सपा के प्रदेश प्रभारी शिवपाल यादव को निशाने पर लिया। कहा कि अवैध कब्जा करने वालों को उनका संरक्षण प्राप्त था।
विज्ञापन


उधर, शिवपाल ने कहा है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आरोप सिद्ध करें या सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे।  उन्होंने कहा, कब्जा करने वालों को सांप्रदायिकता व अराजकता फैलाने वालों का समर्थन मिलता रहा है। रालोद के प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान ने भी प्रदेश सरकार से इस्तीफा मांगा है जबकि कांग्रेस ने हाईकोर्ट के जज से घटना की जांच कराने की मांग की है।

इस्तीफा दे सरकार, न्यायिक जांच कराई जाए : मायावती 
 बसपा सुप्रीमो मायावती ने मथुरा में खूनी संघर्ष में पुलिस अफसर सहित कई लोगों की मौत को सूबे में जंगलराज बताते हुए सपा सरकार से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने घटना की मंडलायुक्त के स्तर से जांच कर खानापूरी करने की जगह न्यायिक जांच कराने की मांग की है। बसपा अध्यक्ष ने यहां एक बयान जारी कर कहा कि मथुरा में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हटवाने में ख़ूनी संघर्ष के दौरान एक एसपी व एक थानेदार की मौत इस बात को साबित करती है कि सपाराज में पुलिस भी अपनी जिम्मेदारी निभाने में असहाय, असमर्थ व मजबूर है। सपा सरकार ने पिछले दो साल से वहां अवैध कब्जा होने दिया और कब्जाधारियों को इस हद तक छूट दी गई कि वे अवैध हथियार भी वहां जमा करते गए। यहां तक कि अवैध हथियार बनाने का कारखाना तक बना लिया। इसी वजह से मथुरा के एसपी व एसओ संतोष यादव को अपनी जान गवांनी पड़ी।
विज्ञापन


मायावती ने सवाल किया है कि क्या इन अफसरों के परिवार को अनुग्रह राशि देकर परिवार व पुलिस फ ोर्स के प्रभावित हुए मनोबल की क्षतिपूर्ति की जा सकती है? मायावती ने कहा है कि अवैध कब्जाधारियों को सपा का पूरा-पूरा संरक्षण प्राप्त था और वह उनका इस्तेमाल अपने राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ की पूर्ति में करना चाहती थी। इसकी गहन जांच होनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है कमिश्नर स्तर की जांच सिर्फ खानापूर्ति ही मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस खूनी संघर्ष में सीधे तौर पर सपा सरकार की आपराधिक लापरवाही जिम्मेदार है। ऐसे में इस मामले की समयबद्ध न्यायिक जांच होनी चाहिए। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने लगाया शिवपाल पर आरोप

मृतक एसएचओ संतोष कुमार (फाइल फोटो) - फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, मथुरा
अफसरों का कत्ल करने वालों को शिवपाल का संरक्षण : मौर्य

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य ने प्रदेश सरकार के काबीना मंत्री शिवपाल यादव और अखिलेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा है कि अफसरों का कत्ल कर देने वाले कथित सत्याग्रहियों को प्रदेश के ताकतवर मंत्री और सीएम के चाचा शिवपाल का संरक्षण था। कथित सत्याग्रह और आंदोलन की अगुवाई करने वाला रामवृक्ष भू-माफिया है। मुख्यमंत्री भी सब सच जानते हैं। उन्हें नैतिक साहस जुटाना चाहिए और जनता के सामने सच रखते हुए संरक्षण देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की और कहा कि घटना के विरोध और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर में भाजपा कार्यकर्ता 5 जून को प्रदेश भर में प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा है कि शिवपाल के संरक्षण की वजह से ही कथित सत्याग्रहियों ने पुलिस अफसरों पर भी गोलियां बरसाने का दुस्साहस किया। यूपी में अब कानून का राज नहीं रह गया है। उन्होंने इस घटना में शहीद पुलिस वालों के परिजनों को 20 की जगह एक करोड़ रुपया और अन्य पीड़ित परिवारों को भी आर्थिक सहायता की मांग की। कहा कि अखिलेश यादव को घटना का सच बताना चाहिए। कहा कि जिन लोगों की जानें गई हैं उन सभी के परिवारों के प्रति भाजपा की संवेदना है।

जांच पड़ताल की जरूरत नहीं
मौर्य ने कहा कि जांच पड़ताल की आवश्यकता तो वहां पड़ती है जहां घटना के बारे में और उसके जिम्मेदार लोगों के बारे में किसी को पता ना हो। जवाहरबाग पर कब्जा किन लोगों का था? कौन लोग ऐसे तत्वों को संरक्षण देकर पाल रहे थे? यह बात तो मथुरा के स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा गली-गली और जन-जन को मालूम है। इस बीच, पार्टी विधानमंडल दल नेता सुरेश खन्ना ने भी घटना पर दुख जताया है। साथ ही सरकार से इस्तीफा और सीबीआई जांच की मांग की है।

भाजपा-बसपा पर लाशों पर राजनीति करने का आरोप

(फाइल फोटो) - फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, मथुरा
लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रभारी शिवपाल सिंह यादव ने शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य पर पलटवार किया। कहा कि केशव आरोप सिद्ध करें या सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने भाजपा और बसपा पर लाशों पर राजनीति करने का आरोप लगाया। शिवपाल ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केशव जिम्मेदार पद पर हैं, उन्हें गैर जिम्मेदाराना बयान नहीं देना चाहिए। लाशों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। केशव पर 13 आपराधिक मुकदमे हैं। पहले उन्हें अपनी छवि सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, मैं हमेशा जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ रहा हूं। मैं मथुरा गया था तो जवाहर बाग से अराजक लोगों का कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे।

शिवपाल ने कहा कि अवैध कब्जा करने वालों में मध्य प्रदेश और बिहार के लोग ज्यादा थे। उनकी मांगें भी अजीबोगरीब थीं। मथुरा जिला प्रशासन ने कई बार उनसे बातचीत के प्रयास किए। कई बार पानी काटा गया, राशन के ट्रक रोके गए। जब भी कब्जा हटाने की कोशिश हुई, अराजक लोग हमलावर हो जाते थे। प्रशासन सोचता था कि गोली न चलानी पड़े। शिवपाल ने भाजपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सांप्रदायिकता और अराजकता फैलाने वाले कब्जा करने वालों को संरक्षण दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव, गृह और डीजीपी मथुरा पहुंच गए हैं। पूरे मामले की गहन जांच हो रही है। जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सीबीआई जांच की मांग ठुकराई
विपक्षी दलों द्वारा सीबीआई जांच की मांग पर शिवपाल ने कहा कि जांच कराने में हम खुद सक्षम हैं। जांच में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। सीबीआई जांच का मतलब है देरी।
क्या मायावती ने दिया था इस्तीफा
बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा प्रदेश सरकार से इस्तीफे की मांग पर शिवपाल ने पलटवार करते हुए कहा कि बसपा शासन में क्या-क्या नहीं हुआ, क्या उन्होंने इस्तीफा दिया था? दुख की घड़ी में मायावती को लाशों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
शहीद अफसरों को दी श्रद्धांजलि
शिवपाल ने जमीन से कब्जा हटवाने में शहीद हुए दोनों पुलिस अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी। कहा कि एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव अपने कर्तव्य का पालन करते हुए शहीद हो गए। सरकार की तरफ से उनके परिवार को पूरी सहायता व सुरक्षा दी जाएगी।

कार्यरत न्यायाधीश से कराई जाए जांच : कांग्रेस
कांग्रेस ने मथुरा की घटना के लिए सरकारी मशीनरी को जिम्मेदार ठहराते हुए इसकी जांच हाईकोर्ट के कार्यरत न्यायाधीश से कराने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन सत्यदेव त्रिपाठी ने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था संभाल पाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। जब-जब प्रदेश में सपा सरकार आती है, कानून-व्यवस्था के साथ इसी तरह का खिलवाड़ होता है। सरकार की इससे बड़ी अक्षमता क्या होगी कि वहां हथियार जुटाए गए, माइंस बिछाई गईं और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं हुई। यह बेहद गंभीर मामला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री भी मथुरा गए हैं।
विज्ञापन

भाजपा ने की मथुरा हिंसा की सीबीआई जांच की मांग

(फाइल फोटो) - फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, मथुरा
मथुरा में कथित सत्याग्रही और पुलिस के बीच हिंसक झड़प के लिए भाजपा ने भूमाफिया और सपा के गठजोड़ को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर मथुरा गए राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने इस घटना की सीबीआई से जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो उन्हें इस आशय की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजनी चाहिए। शर्मा ने हिंसा के कारणों के संबंध में पार्टी अध्यक्ष को भी विस्तार से जानकारी दी है। गौरतलब है कि गुरूवार की रात मथुरा के एक पार्क से कब्जा हटाने गई पुलिस टीम की कथित सत्याग्रहियों से हिंसक झड़प हुई। इसमें एसपी, एसएसओ समेत 24 लोगों की मौत हो गई।

शर्मा ने कहा कि पूरा मामला सपा और भूमाफियाओं की सांठगांठ का है। उन्होंने कहा कि भूमाफियाओं को राज्य सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री का संरक्षण हासिल है। शर्मा ने कहा कि जांच इस बात की होनी चाहिए कि दो साल पूर्व इन तथाकथित सत्याग्रहियों को किसने जवाहर बाग में घुसाया। इतना ही नहीं इनके लिए पार्क में बिजली और रसद का प्रबंध किसने किया। किसी शह पर जवाहर पार्क में इतनी बड़ी मात्रा में हथियारइकट्ठे किए गए। सबसे बड़ा सवाल है कि बीते दो साल तक प्रशासन चुप क्यों बैठा रहा।

क्यों हाईकोर्ट केआदेश के बाद प्रशासन कार्रवाई के लिए मजबूर हुआ। शर्मा ने कहा कि अगर राज्य सरकार दूध की धुली है तो उसे भी आगे बढ़ कर सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र को भेजना चाहिए। गौरतलब है कि पार्टी शनिवार को वहां शर्मा और स्थानीय सांसद हेमामालिनी की अगुवाई में इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन करेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें