मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मथुरा में शहीद हुए दरोगा संतोष यादव के केवटली गांव स्थित घर रविवार को आएंगे। यहां वह परिवार के 11 सदस्यों से बातचीत कर शोक संवेदना जताएंगे। शनिवार को डीआईजी डॉ. संजीव गुप्ता ने केवटली गांव पहुंचकर सुरक्षा इंतजाम का जायजा लिया। सुरक्षा के मद्देनजर सुजानगंज का केवटली गांव पुलिस छावनी के रूप में तब्दील हो गया है।
डीआईजी ने बताया कि सुरक्षा के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग कराई गई है। तकरीबन पांच सौ पुलिस कर्मियों को लगाया गया है। जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 12 जून को दिन में 12:05 बजे केवटली पहुंचेंगे। वह शहीद संतोष कुमार यादव को श्रद्धांजलि देंगे एवं शोक संवेदना प्रकट करेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है।
( एसएचओ फरह संतोष कुमार की फाइल फोटो)
हेलीपैड से शहीद के मकान तक मार्ग की व्यवस्था के लिए एसडीएम सुशील लाल श्रीवास्तव, हेलीपैड के उत्तर लगे बैरियर पर सुरक्षा के लिए एसडीएम रामकेश यादव, पड़री से ग्राम केवटली संपर्क मार्ग के लिए एसडीएम आरके पटेल को लगाया गया है। शहीद संतोष कुमार यादव के घर के पिछले भाग के लिए एसडीएम रमाकांत वर्मा, घर पर सिटी मजिस्ट्रेट उमाकांत त्रिपाठी व एसडीएम ममता मालवीय को लगाया गया है। सीडीओ पीसी श्रीवास्तव को सभी व्यवस्थाओं का प्रभारी बनाया गया है।
शहीद का बेटा भी मुख्यमंत्री से करेगा बात
शहीद दरोगा के परिवार के 11 सदस्य मुख्यमंत्री से बात करेंगे। इसमें शहीद की पत्नी मिथिलेश यादव, पुत्र निखिल, बेटी श्रेया, शहीद की मां अभिराजी देवी, बड़े भाई अजय यादव, छोटे भाई रायसाहब यादव, चचेरे भाई राहुल यादव, अरुण यादव, चाची हीरावती और शहीद के भांजे विकास यादव और चंद्रप्रकाश यादव शामिल हैं। इन्हें प्रशासन की ओर से पास जारी कर दिया गया है। इनके अलावा कोई अन्य व्यक्ति नहीं रहेगा। कारण शहीद का शव जब गांव आया था तो कुछ बाहरी तत्वों ने आंदोलन को हवा देने की कोशिश की थी। परिवार में तय हुआ है कि मुख्यमंत्री से शहीद की पत्नी और बेटा ही मुख्य रूप से बात करेंगे। अपनी मांगों को शालीनता के साथ रखेंगे।