बॉलीवुड के मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने मक्का मस्जिद केस में सभी अभियुक्तों के बरी हो जाने पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कड़ी आलोचना की है। जिसके जवाब में बीजेपी नेता और प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने जावेद अख्तर पर पलटवार करते हुए जावेद अख्तर से पूछा कि क्या 'हिंदू टेरर' शब्द का इजाद उन्होंने किया था।
जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया ट्विटर पर 10 साल पुराने ब्लास्ट केस में दक्षिणपंथी कार्यकर्ता स्वामी असीमानंद समेत अन्य अभियुक्तों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने में नाकाम रहने पर देश की प्रतिष्ठित आतंकरोधी जांच एजेंसी की खिल्ली उड़ाई।
जावेद अख्तर ने सुबह ट्वीट किया, "मिशन पूरा हुआ! मक्का मस्जिद केस में मिली अपार सफलता के लिए एनआईए को मेरी ओर से बधाई। अब दो अलग समुदायों में होने वाली शादियों की जांच करने के लिए उनके पास समय ही समय होगा।
भूतपूर्व राज्यसभा सांसद अख्तर का इशारा हादिया केस की तरफ था, जहां एक हिंदू महिला की मुस्लिम पुरूष से की गई शादी की जांच एनआईए संभावित आतंकी एंगल से कर रही है।
बॉलीवुड लेखक की खिल्ली को नजरअंदाज करते हुए बीजेपी नेता राव ने अख्तर को जमकर लताड़ा और पूछा कि, क्या उन्होंने कांग्रेस पार्टी की तरफ से "हिंदू आतंक" शब्द को गढ़ा था।
राव ने ट्वीट में कहा, "जावेद जी, काश आपने इतनी ईमानदारी होती कि आप 'हिंदू आतंक' शब्दावली के लिए कांग्रेस की निंदा कर पाते। लगता है कि आप राहुल गांधी के डर से एक काल्पनिक पटकथा लिख रहे हैं, जैसा कि आपने बहुत सी फिल्मों के लिए बखूबी लिखते रहे हैं। या फिर 'हिंदू आतंक' भी आपके दिमागी की उपज है जैसा कि कथित तौर पर 'मौत का सौदागर' आपका आइडिया था।
भाजपा प्रवक्ता ने उन रिपोर्ट की ओर इशारा कर रहे थे कि प्रधान मंत्री मोदी के खिलाफ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का कुख्यात 'मौत का सौदागर' बयान अख्तर ने लिखा था।