सीबीआई ने हरियाणा के जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, लूटपाट और आगजनी के मामले में तीन एफआईआर दर्ज की है। हरियाणा और केंद्र सरकार की अनुशंसा पर शुरु हुई इस कार्रवाई में रोहतक में सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों और बीएसएफ के जवानों के हथियार छीनने के मामले में दंगाइयों पर पहला केस दर्ज किया गया है।
दूसरी एफआईआर 6 फरवरी को हिंसक आंदोलन शुरु होने के तीन दिन बाद हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर पर हुई आगजनी के घटना के सिलसिले में है। तीसरी एफआईआर में परिवारजनों की हत्या की कोशिश से संबंधित धारा लगाई गई है जिसमें 48 दंगाइयों को आरोपी बनाया गया है। लेकिन एफआईआर में यह साफ नहीं है कि परिवारजन किनकेहैं।
इन एफआईआर में हाईवे पर हुए हंगामें और आम राहगीरों पर हुई हिंसक वारदात की अलग से कोई चर्चा नहीं की गई है। सीबीआई प्रवक्ता ने बृहस्तपतिवार को कहा कि तीन में से दो मामले कैप्टन अभिमन्यु केघर हुई हिंसा और आगजनी से संबंधित है। एक एफआईआर सुरक्षा बलों के हथियारों की लूट की है।