आसनसोल स्थित कल्याणेश्वरी मंदिर में जशोदा बेन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से एक दिन पहले सोमवार को उनकी पत्नी जशोदा बेन पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित कल्याणेश्वरी मंदिर पहुंची। मंदिर में अपने और पति के नाम से पूजा कराई। उनकी यह यात्रा इतनी गोपनीय रखी गई थी कि मंदिर के पुजारी शुभंकर देवघरिया को भी रविवार रात को लगभग दस बजे इसकी सूचना दी गई।
जशोदा बेन झारखंड स्थित धनबाद से सड़क मार्ग से सोमवार दोपहर एक बजे आसनसोल पहुंची थी। उनके साथ उनके भाई अशोद मोदी व भाई की पत्नी जशोदा बेन (उनका नाम भी जशोदा बेन ही है) भी थीं। इसके अलावा निजी सचिव अनुज शर्मा, चार निजी सुरक्षा कर्मचारी, आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट और झारखंड पुलिस के कुछ अधिकारी भी उनके साथ थे।
मंदिर के प्रवेशद्वार के पास कार से उतर कर उन्होंने प्रसाद खरीदा और मुख्य पुजारी शुभंकर के साथ भीतर गईं। वहां पिंटू मुखर्जी व पवित्र बनर्जी नामक दो अन्य पुजारी उनका इंतजार कर रहे थे। पुजारी ने जशोदा बेन से जब उनका गोत्र पूछा तो उनका जवाब था- मोदी। उन्होंने इस पूजा के लिए सुबह से ही उपवास रखा था।
उन्होंने पुजारी को बताया कि पूजा उनके और नरेंद्र मोदी के नाम से होगी। इसके अलावा उन्होंने अपने भाई और उनकी पत्नी का नाम भी बताया। पुजारी ने देवी पर चढ़ा कर जशोदा बेन को एक लाल शाल दी जिसे वे साथ ले गईं। पूजा के बाद जशोदा बेन ने साष्टांग होकर देवी को प्रणाम किया और मंदिर के बाहर स्थित शिव मंदिर में दर्शन करने के बाद निकल आईं।
कड़ी सुरक्षा की वजह से मीडिया वालों को उनके आस-पास नहीं जाने दिया गया। भाजपा के स्थानीय नेताओं को भी इस दौरे की भनक नहीं थी। बाद में सूचना मिलने पर मंदिर के बाहर जुटे कुछ भाजपाइयों ने नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए।