जामताड़ा जिले में बराकर नदी में नाव पलटने से जान गंवाने वालों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये दिए जाएंगे। सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसकी घोषणा की है। 24 फरवरी की शाम को जामताड़ा-धनबाद सीमा पर बराकर नदी में बरबेंदिया पुल के समीप नाव पलट गई थी। हादसे में कई लोग लापता हो गए थे। अब तक आठ लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
विधानसभा सत्र के दौरान निरसा से भाजपा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवार को 4-4 लाख रुपये मुआवजा राशि दी जाएगी।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक दुर्घटना के समय नाव में 17 लोग सवार थे, जिनमें से पांच को बचा लिया गया था। वहीं, विपक्षी दलों के कई नेताओं का कहना था कि अगर नदी पर बारबेंडिया पुल चालू होता तो दुर्घटना से बचा जा सकता था। पुल की मरम्मत का काम पूरा नहीं होने की वजह से ही लोग नदी पार करने के लिए जलमार्ग का सहारा ले रहे हैं।
हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपा विधायक की मांग के मुताबिक सरकार जल्द ही नदी पर पुल के निर्माण के लिए अध्ययन करेगी। इसके आधार पर ही पुल का आकार और बजट तय किया जाएगा।
दुर्घटना के बाद से ही रांची और देवघर से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें लापता हुए लोगों का पता लगाने में जुटी हुई थीं। गौरतलब हो कि 2009 में आई बाढ़ के चलते बारबेंडिया पुल के दो स्तंभ क्षतिग्रस्त हो गए थे।
सेनगुप्ता ने आगे कहा कि 2014 में राज्य सरकार की एक उच्च स्तरीय टीम ने मुल्यांकन करने के लिए साइट का दौरा किया था। लेकिन इसके बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया था।