फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

Jammu Kashmir: सैन्य वाहनों पर पंक्चर मेकेनिक और चाय वालों की नजर, डार्क नेट से पाक भेज रहे हैं खुफिया जानकारी

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Thu, 25 May 2023 05:37 PM IST

सार

Jammu Kashmir: सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के आतंकी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) ने जम्मू-कश्मीर में अपने सहयोगी समूह 'प्रॉक्सी विंग' खड़े किए हैं। जैश-ए-मोहम्मद की प्रॉक्सी विंग, 'पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट' (पीएएफएफ) है, जबकि 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ), 'लश्कर-ए-तैयबा' की 'प्रॉक्सी विंग' है...
विज्ञापन
विज्ञापन
Jammu Kashmir - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar


यह भी पढ़ें: Jammu Kashmir: जी20 बैठक से पहले कश्मीर में क्या है 'अपहरण' की खौफनाक साजिश, इन खास कमांडो ने घेरी है घाटी

सप्लाई का काम देखते हैं 'ओवर ग्राउंड वर्कर'

राष्ट्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की स्थानीय विंग 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' और दूसरे समूह, ओवर ग्राउंड वर्कर के जरिए आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। ये ग्राउंड वर्कर ही आतंकियों को हथियार, गोला बारूद एवं दूसरे सामान की सप्लाई करते हैं। जम्मू के पीर मीठा पुलिस स्टेशन इलाके का रहने वाला फैजल मुनीर उर्फ अली भाई हथियार और विस्फोटकों की सप्लाई के लिए 'ट्रांसपोर्ट' का कामकाज संभालता था। एनआईए की पूछताछ में उसने बताया कि इस काम के लिए उसे और दूसरे साथियों को लश्कर-ए-तैयबा से धन प्राप्त होता था। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए सांबा/कठुआ के सीमा क्षेत्र में हथियारों और बारूद की खेप पहुंचती थी। किसी को शक न हो, इसके लिए उन हथियारों को किसी सुनसान जगह पर रखने की बजाए ओवर ग्राउंड वर्कर के घर में छिपा देते थे। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में तकरीबन सभी जांच एजेंसियां जम्मू कश्मीर में सक्रियता के साथ काम कर रही हैं। आतंकियों पर चौतरफा वार हो रहा है। इनकी सप्लाई चेन को बाधित किया गया है। इन्हें जहां से वित्तीय मदद मिलती है, एनआईए उसकी जड़ों तक पहुंच चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next