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सप्लाई का काम देखते हैं 'ओवर ग्राउंड वर्कर'
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की स्थानीय विंग 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' और दूसरे समूह, ओवर ग्राउंड वर्कर के जरिए आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। ये ग्राउंड वर्कर ही आतंकियों को हथियार, गोला बारूद एवं दूसरे सामान की सप्लाई करते हैं। जम्मू के पीर मीठा पुलिस स्टेशन इलाके का रहने वाला फैजल मुनीर उर्फ अली भाई हथियार और विस्फोटकों की सप्लाई के लिए 'ट्रांसपोर्ट' का कामकाज संभालता था। एनआईए की पूछताछ में उसने बताया कि इस काम के लिए उसे और दूसरे साथियों को लश्कर-ए-तैयबा से धन प्राप्त होता था। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए सांबा/कठुआ के सीमा क्षेत्र में हथियारों और बारूद की खेप पहुंचती थी। किसी को शक न हो, इसके लिए उन हथियारों को किसी सुनसान जगह पर रखने की बजाए ओवर ग्राउंड वर्कर के घर में छिपा देते थे। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में तकरीबन सभी जांच एजेंसियां जम्मू कश्मीर में सक्रियता के साथ काम कर रही हैं। आतंकियों पर चौतरफा वार हो रहा है। इनकी सप्लाई चेन को बाधित किया गया है। इन्हें जहां से वित्तीय मदद मिलती है, एनआईए उसकी जड़ों तक पहुंच चुकी है।