बीते साल जब कश्मीर में अलगावादी पूरे कश्मीर में दंगा कर रहें थे और कई महीनों तक कश्मीर बंद हो गया था। उस दौरान अलगावादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के पोते को प्रदेश सरकरी नौकरी दी गई। अब ऐसी खबरें हैं कि सरकार ने नियुक्ति करते समय नियमों में शिथिलता बरती।
उच्च सूत्रों का माने तो प्रदेश की पीडीपी-बीजेपी गठबंधन सरकार ने सैय्यद के पोते अनीस उल इस्लाम को जम्मू-कश्मीर पर्यटक विभाग के सहायक विभाग शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉनवोकेशन सेंटर ( एसकेआईसीसी ) में एक रिसर्च ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया है। अनीस को इस पद पर 12 लाख रूपये वार्षिक वेतन दिया जायेगा।
साथ ही उनको पेंशन जैसी सुविधा भी दी जायेगी। बताया जा रहा है कि पंजाब के जालधंर से एमबीए की पढ़ाई करने वाले अनीस को जम्मी-कश्मीर की सीआईडी ने 2009 में पासपोर्ट देने से भी मना कर दिया था। मगर बाद में जम्मी-कश्मीर हाई कोर्ट के आदेश के बाद उनको पासपोर्ट दिया गया। जिसके बाद वह ब्रिटेन में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई करने चले गये।