जम्मू-कश्मीर सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह राज्य में अल्पसंख्यकों की पहचान के लिए अल्पसंख्यक आयोग का गठन करने के लिए तैयार है।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ इस मामले में एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
जम्मू-कश्मीर में गैर मुसलमानों के अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर वकील अंकुर शर्मा द्वारा दायर इस याचिका में कहा गया है कि राज्य में मुसलमान बहुसंख्यक है, लेकिन इसके बावजूद वे केंद्र सरकार की अल्पसंख्यकों जुड़ी सभी योजनाओं और पैकेज का लाभ भी उठा रहे हैं।
शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से ऐसे लोगों की पहचान करने का अनुरोध किया है जो अल्पसंख्यकों के लिए दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
उन्होंने राज्य के बहुसंख्यकों को ये सुविधाएं बंद करने का भी आग्रह किया है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने राज्य सरकार से उनकी रिपोर्ट के आधार पर अल्पसंख्यक आयोग का गठन करने को कहा, जिस पर राज्य सरकार के वकील ने सहमति जताई।