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जम्मू कश्मीर के नजरबंद नेता जल्द हो सकते हैं रिहा, केंद्रीय गृह सचिव ने संसदीय समिति को दी जानकारी

Fri, 15 Nov 2019 08:37 PM IST
अमित कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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उमर अब्दुल्ला-महबूबा मुफ्ती - फोटो : Social Media
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जम्मू व कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद नजरबंद हुए राजनीतिक दलों के नेता जल्द ही रिहा हो सकते हैं। केंद्रीय गृह सचिव ए.के. भल्ला ने शुक्रवार को गृह मंत्रालय से संबंधित संसदीय समिति की बैठक में यह जानकारी दी है। 

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उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में अब स्थिति सामान्य होती जा रही है। स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तरों में सामान्य तरीके से कामकाज हो रहा है। सड़क एवं रेल मार्ग, सब खुल गए हैं। दूरसंचार सेवाओं पर लगी पाबंदी भी लगभग खत्म हो चुकी है। कुछ संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से इंटरनेट पर छोटे अंतराल के लिए पाबंदियां जारी हैं।



नए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में भी पूरी तरह से शांति है। विकास योजनाओं पर भी तेजी से काम शुरू हुआ है। इस संसदीय समिति में राज्यसभा के नौ और लोकसभा के 21 सदस्य हैं और इसकी अध्यक्षता आनंद शर्मा ने की। केंद्रीय गृह सचिव ए.के. भल्ला के साथ अतिरिक्त सचिव जम्मू व कश्मीर और दूसरे अधिकारी भी मौजूद रहे।
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सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह सचिव भल्ला ने संसदीय समिति के समक्ष कहा, 'जम्मू कश्मीर और लद्दाख के अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहां बड़े स्तर पर विकास योजनाएं शुरू की गई हैं। लोगों के साथ नियमित बैठक की जा रही हैं। सेब एवं दूसरे व्यवसायों पर सरकार की नजर है।' 

उन्होंने आगे कहा, 'इसके लिए केंद्र की ओर से जम्मू कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र के उप राज्यपाल को जरूरी हिदायतें दी गई हैं। घाटी में युवाओं को सरकारी नौकरी या प्राइवेट काम-धंधा दिलाने पर काम हो रहा है।' केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि पंचायतों को विश्वास में लेकर ग्रामीण इलाक़ों के विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। 

संसदीय समिति के एक सदस्य ने राजनीतिक नेताओं की रिहाई बाबत जब पूछा तो गृह सचिव ने कहा कि अब काफी हद तक हालात सामान्य हो गए हैं। जल्द ही अधिकांश नेताओं को रिहा कर दिया जाएगा। हाल ही में गृह मंत्रालय की एक टीम द्वारा कश्मीर दौरे की रिपोर्ट भी समिति के समक्ष पेश की गई।

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